
पटना (बिहार): पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल अंतर्गत दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र के झबूचक गांव में शुक्रवार रात एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान राधिका देवी (पति – सतेंद्र बिंद) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से इलाके में भारी तनाव का माहौल है।
पुलिस पर परिजनों का गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों ने दुल्हिनबाजार थाना की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राधिका देवी की पीट-पीटकर हत्या पुलिस द्वारा ही की गई है। परिजनों के अनुसार, रात करीब 12 बजे पुलिस एक अपहरण के मामले में छापेमारी करने घर पहुंची थी, जिसके दौरान यह घटना हुई।
सड़क पर शव रखकर विरोध, यातायात ठप
घटना के बाद गांव के आक्रोशित लोगों ने पालीगंज–मसौढ़ी रोड को इचीपुर के पास जाम कर दिया। उन्होंने राधिका देवी के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने जताई शांति बनाए रखने की अपील
हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस ने किसी भी आधिकारिक बयान में आरोपों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
जांच की मांग तेज, स्थानीय प्रशासन पर दबाव
इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। परिजन और ग्रामीण मजिस्ट्रेट स्तर की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की भूमिका संदिग्ध है और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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क्या पुलिस की कार्रवाई बनी महिला की मौत की वजह?
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और जवाबदेही किस हद तक सुनिश्चित है। अगर आरोप सही हैं, तो यह न सिर्फ एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है, बल्कि पूरे विभाग की साख पर सवाल है।


