
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनके इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी ने भाजपा विधानमंडल दल के नेता के रूप में राज्य के नए मुख्यमंत्री की कमान संभाल ली है। वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) में अब नए विधानमंडल दल के नेता को लेकर मंथन तेज हो गया है।
जदयू विधानमंडल दल की अहम बैठक सोमवार सुबह 11 बजे एक अणे मार्ग में बुलाई गई है, जिसमें पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद शामिल होंगे। इस बैठक में विधानमंडल दल के नेता और उपनेता का चुनाव किया जाएगा। इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे।
उमेश कुशवाहा ने बताया कि बैठक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वर्तमान में विधानसभा में जदयू के 85 विधायक हैं, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और विजेन्द्र प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं।
करीब दो दशकों तक जदयू और एनडीए का नेतृत्व करने वाले नीतीश कुमार ने स्वेच्छा से पद छोड़ा, जिसके बाद सत्ता परिवर्तन हुआ। उनके बाद पूर्व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार को 24 अप्रैल को सदन में विश्वास मत हासिल करना है, उससे पहले जदयू अपने नए नेता का चयन करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि यह चुनाव सर्वसम्मति से होगा।
नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने 16 मार्च को हुए चुनाव में जीत दर्ज की और 10 अप्रैल को शपथ ली। 14 अप्रैल को इस्तीफा देने के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद संभाला, जिसके साथ ही बिहार में करीब 20 साल लंबे नीतीश युग का अंत हो गया।
अब नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, हालांकि उन्होंने बिहार के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।


