भागलपुर में ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’: 26 दिन बाद लौटी दुल्हन, दूल्हा अब भी गायब; पिता बोले- ‘सामने आओ तो अपना लेंगे’

भागलपुर (द वॉयस ऑफ बिहार)।बिहार के भागलपुर में प्यार, तकरार और फिर डिजिटल ड्रामे की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों दोनों को चकरा कर रख दिया है। नाथनगर थाना क्षेत्र से शुरू हुई यह दास्तान अब एक रहस्यमयी मोड़ पर खड़ी है, जहां प्रेमिका तो बरामद हो गई है लेकिन प्रेमी का कोई अता-पता नहीं है। इसे लोग ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ कह रहे हैं क्योंकि इसमें न केवल जज्बात शामिल हैं, बल्कि गहने, नकदी और व्हाट्सएप पर भेजी गई शादी की तस्वीरों ने मामले को पूरी तरह फिल्मी बना दिया है। करीब 26 दिनों तक गायब रहने के बाद युवती का अचानक थाने पहुंचना और युवक का अब तक फरार रहना, अंग जनपद के इस इलाके में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।

​मार्च की वो दोपहर और दो परिवारों की उड़ी नींद

​इस पूरी कहानी की शुरुआत 2 मार्च 2026 को हुई थी। नाथनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाला राजकुमार महतो का बेटा सत्यम महतो और उसी इलाके की रहने वाली एक युवती अचानक अपने-अपने घरों से गायब हो गए। पहले तो परिजनों को लगा कि शायद वे कहीं आसपास गए होंगे, लेकिन जब शाम ढली और रात बीत गई, तो दोनों परिवारों के होश उड़ गए। गायब होने की इस घटना ने मोहल्ले में कानाफूसी शुरू कर दी, लेकिन दोनों परिवारों के लिए यह प्रतिष्ठा और चिंता का विषय बन गया था। युवती के पिता बबलू शाह ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी और अपनी बेटी की तलाश शुरू की। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया था कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है और दोनों ने एक साथ घर छोड़ने की योजना बनाई थी।

​गहने, नकदी और ‘बहला-फुसलाकर’ ले जाने का आरोप

​युवती के पिता बबलू शाह ने इस मामले में सत्यम महतो के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस को दिए गए आवेदन में उन्होंने बताया कि सत्यम महतो ने उनकी बेटी को अपने प्रेम जाल में फंसाया और उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर घर से बुला लिया। बबलू शाह का दावा है कि उनकी बेटी घर से खाली हाथ नहीं गई थी। आरोप के मुताबिक, युवती अपने साथ घर में रखे 20,000 रुपये नकद और लगभग एक भर (10 ग्राम से अधिक) सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हुई थी। पिता का कहना है कि सत्यम ने न केवल उनकी बेटी का अपहरण किया, बल्कि घर की जमापूंजी पर भी हाथ साफ कर दिया। इस वित्तीय नुकसान ने पीड़ित परिवार की कमर तोड़ दी और वे न्याय के लिए दर-दर भटकने लगे।

​व्हाट्सएप पर आई शादी की तस्वीरें: जब मोबाइल पर दिखा ‘सच’

​घर छोड़ने के कुछ दिनों बाद जब दोनों परिवारों की बेचैनी अपने चरम पर थी, तभी सत्यम महतो के मोबाइल से एक व्हाट्सएप मैसेज आया। इस मैसेज ने मामले को और भी ज्यादा पेचीदा बना दिया। सत्यम ने व्हाट्सएप के जरिए दोनों परिवारों को अपनी और युवती की शादी की तस्वीरें भेजीं। तस्वीरों में दोनों नवविवाहित जोड़े के रूप में नजर आ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि उन्होंने किसी मंदिर में शादी कर ली है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद बबलू शाह का परिवार और भी ज्यादा आक्रोशित हो गया। उन्हें लगा कि सत्यम उनकी बेटी को ढाल बनाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सत्यम के परिवार के लिए भी यह स्थिति असहज हो गई थी। डिजिटल माध्यम से दी गई इस जानकारी ने यह तो साफ कर दिया कि दोनों साथ हैं, लेकिन उनकी लोकेशन अभी भी एक रहस्य बनी रही।

​26 दिन बाद थाने में युवती की दस्तक, पर प्रेमी कहां है?

​करीब 26 दिनों तक पुलिस और परिजनों को छकाने के बाद, इस कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट तब आया जब युवती अचानक खुद चलकर नाथनगर थाने पहुंच गई। युवती के अचानक थाने पहुंचने की खबर जैसे ही फैली, पुलिस विभाग में हलचल मच गई। पुलिस ने तुरंत उसके पिता बबलू शाह को सूचना दी। जब पिता और अन्य परिजन थाने पहुंचे, तो युवती को सही-सलामत देखकर उन्होंने राहत की सांस ली, लेकिन असली सवाल अभी भी खड़ा था—सत्यम महतो कहां है? युवती के बरामद होने के बाद भी सत्यम का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। वह अब भी फरार बताया जा रहा है। युवती ने 26 दिनों तक कहां वक्त बिताया और वह अकेले थाने क्यों आई, यह पुलिसिया जांच का मुख्य केंद्र बन गया है।

​पिता का बदला रुख: ‘अगर सत्यम सामने आए, तो हम स्वीकार कर लेंगे’

​इस पूरी घटना का सबसे भावनात्मक और सकारात्मक पहलू युवती के पिता बबलू शाह का बदला हुआ रवैया है। एक समय में सत्यम पर अपहरण और चोरी का आरोप लगाने वाले पिता अब अपनी बेटी के भविष्य को देखते हुए नरम पड़ गए हैं। बबलू शाह ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि अगर सत्यम महतो सामने आता है और सामाजिक व कानूनी तरीके से इस रिश्ते को स्वीकार करता है, तो वे भी इस शादी को मानने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि वे अपनी बेटी की खुशी चाहते हैं और अगर दोनों ने शादी कर ही ली है, तो वे इसे सामाजिक मान्यता देने में पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, उनकी शर्त यह है कि सत्यम को सामने आना होगा और भागने के बजाय जिम्मेदारी उठानी होगी। पिता की यह अपील अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय है।

​पुलिसिया कार्रवाई और अनसुलझे सवालों का घेरा

​नाथनगर पुलिस इस मामले को अब कानूनी नजरिए से देख रही है। युवती के बरामद होने के बाद उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वाकई गहने और नकदी की चोरी हुई थी या यह केवल दबाव बनाने का एक तरीका था। सबसे बड़ा सवाल सत्यम महतो की फरारी को लेकर है। अगर दोनों ने शादी कर ली है और लड़की का परिवार इसे स्वीकार करने को तैयार है, तो फिर सत्यम क्यों छिपा हुआ है? क्या उसे पुलिसिया कार्रवाई का डर है या फिर कहानी में कोई और पेच है? पुलिस सत्यम की तलाश में छापेमारी कर रही है और उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।

​जांच के बाद ही खुलेगा राज

​फिलहाल, यह ‘अजब प्रेम कहानी’ भागलपुर के नाथनगर थाने की फाइलों में दर्ज है। युवती अपने पिता के पास है, लेकिन उसका मन अब भी फरार प्रेमी के पास अटका हुआ है। क्या सत्यम वापस आएगा? क्या यह शादी वाकई वैध है? और क्या बबलू शाह अपनी शर्तों पर इस रिश्ते को निभा पाएंगे? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की अंतिम रिपोर्ट और सत्यम की गिरफ्तारी या समर्पण के बाद ही मिल पाएंगे। द वॉयस ऑफ बिहार की टीम इस मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया मोड़ आता है, हम आप तक इसकी विस्तृत जानकारी पहुंचाएंगे।

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