
- अरवल जिले के टाउन थाना क्षेत्र में सोमवार की देर शाम बाइक सवार अपराधियों ने घनश्याम होटल पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में सनसनी फैला दी।
- अपराधियों ने महज एक मिनट के भीतर छह राउंड फायरिंग की, जिसमें होटल संचालक और कर्मचारी बाल-बाल बचे।
- होटल संचालक का आरोप है कि पहले भी रंगदारी मांगी गई थी, लेकिन पुलिस की शिथिलता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए।
- घटना के समय जिले के तमाम बड़े पुलिस अधिकारी छुट्टी पर थे, जिसका फायदा उठाकर अपराधी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
- पुलिस ने घटनास्थल से छह खाली खोखे बरामद किए हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की शिनाख्त की कोशिश कर रही है।
अरवल (द वॉयस ऑफ बिहार)।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर अपराधियों का तांडव और दहशत का साया
अरवल जिले की कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए सोमवार की शाम अपराधियों ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने पुलिस के गश्ती दावों की पोल खोल दी है। टाउन थाना क्षेत्र के अंतर्गत हसनपुर बंगला के पास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-139 पर बने एक चर्चित होटल पर बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। शाम का वक्त था और होटल में ग्राहकों की चहल-पहल थी, तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। लोग समझ ही नहीं पाए कि यह क्या हो रहा है, जब तक वे कुछ समझ पाते, अपराधी अपना काम कर चुके थे। एनएच जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों के मन से वर्दी का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। वारदात के बाद पूरे हसनपुर बंगला क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और स्थानीय व्यापारियों में अपनी सुरक्षा को लेकर भारी डर देखा जा रहा है।
एक मिनट का मौत का तांडव और सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई बेखौफ करतूत
इस पूरी वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दो अपराधी एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर घनश्याम होटल के बाहर पहुंचते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज और बेखौफ अंदाज किसी पेशेवर गिरोह की ओर इशारा कर रहा है। जैसे ही बाइक होटल के सामने रुकती है, अपराधियों ने बिना किसी झिझक के अपनी पिस्टल निकाली और होटल के काउंटर व प्रवेश द्वार को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। महज 60 सेकंड के भीतर उन्होंने छह राउंड गोलियां दागीं। फायरिंग के दौरान होटल के भीतर मौजूद कर्मचारी और संचालक सोनू कुमार जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपे। गनीमत रही कि कोई भी गोली किसी इंसान को नहीं लगी, वरना एक बड़ी मानवीय क्षति हो सकती थी। फायरिंग करने के बाद अपराधी जिस सहजता से औरंगाबाद की ओर से आकर अरवल की ओर भाग निकले, वह पुलिस की नाकेबंदी पर सवाल उठाता है।
रंगदारी का पुराना मामला और पुलिस की कथित लापरवाही का गंभीर आरोप
होटल संचालक सोनू कुमार ने इस हमले के पीछे रंगदारी (Extortion) के पुराने विवाद को मुख्य वजह बताया है। सोनू कुमार के अनुसार, कुछ समय पहले भी अपराधियों द्वारा उनसे मोटी रकम की मांग की गई थी। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को समय रहते जानकारी भी दी थी और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी। संचालक का सीधा आरोप है कि अगर पुलिस ने उनकी शुरुआती शिकायत पर ठोस कार्रवाई की होती और अपराधियों पर शिकंजा कसा होता, तो आज उनके होटल पर गोलियां नहीं चलतीं। पुलिस की इसी सुस्ती ने अपराधियों को यह संदेश दिया कि वे जो चाहे कर सकते हैं। सोनू कुमार का कहना है कि वे और उनके कर्मचारी अभी भी गहरे सदमे में हैं और उन्हें डर है कि अपराधी दोबारा उन पर हमला कर सकते हैं। पुलिस पर से आम जनता और व्यापारियों का भरोसा इस तरह की घटनाओं से लगातार कम हो रहा है।
जब रक्षक ही थे छुट्टी पर, तब अपराधियों ने बखूबी खेला खूनी खेल
अरवल में हुई इस वारदात ने एक बहुत बड़े प्रशासनिक शून्य (Administrative Vacuum) को उजागर किया है। जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने इस घटना को अंजाम देने के लिए उस वक्त को चुना जब जिले के लगभग सभी आला पुलिस अधिकारी मुख्यालय से बाहर थे। जिले की एसपी नवजोत सिमी पिछले एक महीने से छुट्टी पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में प्रभार संभाल रहे एसपी राजेश कुमार का सरकारी मोबाइल फोन घटना के बाद पत्रकारों द्वारा संपर्क करने पर बंद पाया गया, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान पूरी तरह ठप हो गया। इतना ही नहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कृति कमल भी एक दिवसीय निजी अवकाश पर पटना गई हुई थीं। हद तो तब हो गई जब टाउन थाना के वर्तमान थानाध्यक्ष भी किसी काम से गयाजी चले गए थे। जिले में शीर्ष नेतृत्व की इस गैरमौजूदगी ने अपराधियों के लिए ‘खुला मैदान’ छोड़ दिया, जिसका उन्होंने पूरी दक्षता के साथ उपयोग किया और वारदात कर सुरक्षित निकल गए।
प्रभारी थानाध्यक्ष की सफाई और औरंगाबाद से अरवल तक अपराधियों का रूट
कैमरे के सामने आने से बचते हुए प्रभारी थानाध्यक्ष अवधेश चौधरी ने ऑफ कैमरा इस बात की पुष्टि की है कि पुलिस मामले की गंभीरता को समझ रही है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी औरंगाबाद की दिशा से आए थे। उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से होटल को निशाना बनाया और फिर उसी तेजी से अरवल की ओर भाग निकले। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर वहां से छह खाली खोखे बरामद किए हैं, जो इस बात का सबूत हैं कि फायरिंग कितनी भयावह थी। अवधेश चौधरी ने दावा किया कि होटल संचालक के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों के चेहरे और बाइक की पहचान जल्द ही कर ली जाएगी और वे सलाखों के पीछे होंगे।
एनएच-139 पर सुरक्षा की चुनौती और व्यापारियों की बढ़ती चिंताएं
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-139 अरवल की लाइफलाइन मानी जाती है, जहां दिन-रात वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। इस मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों के संचालक अब दहशत के साये में काम करने को मजबूर हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर एनएच पर स्थित चर्चित होटलों पर सरेआम गोलियां चल सकती हैं, तो सुदूर इलाकों की स्थिति क्या होगी? इस घटना ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या पुलिस की गश्ती केवल कागजों तक सीमित है? स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि जिले में अधिकारियों की अनुपस्थिति में भी एक मजबूत बैकअप प्लान होना चाहिए ताकि अपराधियों को कभी यह न लगे कि जिला लावारिस है। पुलिस मुख्यालय से भी यह मांग की गई है कि प्रभारियों के मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रहने चाहिए ताकि आपातकालीन स्थिति में समन्वय स्थापित किया जा सके।
अरवल पुलिस के लिए प्रतिष्ठा की जंग और भविष्य की रणनीति
फिलहाल, अरवल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन अपराधियों को पकड़ना है जिन्होंने प्रशासन की नाक के नीचे इस घटना को अंजाम दिया है। सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों के बेखौफ अंदाज ने पुलिस की साख पर जो चोट पहुंचाई है, उसकी भरपाई केवल त्वरित गिरफ्तारी से ही संभव है। पुलिस अब उन पुराने बदमाशों की सूची भी खंगाल रही है जो पहले रंगदारी के मामलों में शामिल रहे हैं। जांच का दायरा औरंगाबाद और आसपास के जिलों तक भी फैलाया जा सकता है, क्योंकि अपराधियों का लिंक अंतर-जिला होने की संभावना है। जब तक बड़े अधिकारी अपनी छुट्टियों से वापस नहीं आते, तब तक प्रभारी अधिकारियों के लिए शांति व्यवस्था बनाए रखना और इन हमलावरों को ढूंढना एक बड़ी परीक्षा साबित होगी। द वॉयस ऑफ बिहार की टीम इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है और पल-पल की जानकारी आप तक पहुंचाती रहेगी।


