13 साल की मासूम से पहले ‘दरिंदगी’, फिर गला घोंटकर हत्या; सुसाइड दिखाने के लिए झाड़ी से लटकाया शव, 16 साल का ‘हैवान’ गिरफ्तार

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • दिल दहला देने वाली वारदात: अमौर थाना क्षेत्र में 8वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या।
  • साजिश: हत्या को ‘आत्महत्या’ का रूप देने के लिए बांस की झाड़ी से लटकाया शव।
  • खुलासा: मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड ने खोला राज; 16 साल का प्रेमी ही निकला हत्यारा।
  • पुलिस एक्शन: भागने की फिराक में था आरोपी करण विश्वास, पुलिस ने धर दबोचा।

पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जिले के अमौर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ उसके ही ‘तथाकथित’ बॉयफ्रेंड ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पहले दुष्कर्म, फिर बेरहमी से गला दबाकर हत्या और अंत में मामले को सुसाइड का रंग देने की कोशिश—इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके में आक्रोश भर दिया है।

“10 मिनट में आती हूँ…” और फिर कभी नहीं लौटी

​मृतिका के पिता ने रुंधे गले से घटना की जो जानकारी दी, वह किसी का भी कलेजा चीर दे:

  • शुरुआत: पिता ने बेटी से चाय बनाने को कहा था। बेटी ने ‘वॉशरूम’ जाने की बात कही और घर से निकली।
  • तलाशी: जब आधा घंटा बीत गया और वह नहीं लौटी, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए।
  • डिजिटल सबूत: घर में रखे मोबाइल की जांच की गई तो बकनिया गांव के करण विश्वास का कॉल रिकॉर्ड मिला। शक के आधार पर जब ग्रामीणों ने उसे पकड़ा, तो उसने सारा सच उगल दिया।

बांस की झाड़ी में ‘खौफनाक’ मंजर

​आरोपी की निशानदेही पर शाम 5 बजे परिजन जब घर से 500 मीटर दूर बांस की झाड़ियों में पहुँचे, तो वहां का नजारा देख उनकी चीख निकल गई।

    1. शव की स्थिति: छात्रा का शव फंदे से लटका हुआ था।
    2. चोट के निशान: गले पर काले गहरे निशान और शरीर पर जख्मों के निशान साफ बता रहे थे कि मरने से पहले मासूम ने जान बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था।
    3. फॉरेंसिक जांच: बायसी एसडीपीओ और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।

​”प्रथम दृष्टया यह गला दबाकर हत्या का मामला है। साक्ष्यों को मिटाने के लिए शव को लटकाया गया था। हमने 16 वर्षीय मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दुष्कर्म की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।” — जितेंद्र पांडेय, एसडीपीओ, बायसी

VOB का नजरिया: किशोरों में बढ़ती हिंसक मानसिकता चिंताजनक

​यह घटना केवल एक क्राइम रिपोर्ट नहीं, बल्कि समाज के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है। 16 साल का एक किशोर इतना शातिर कैसे हो सकता है कि वह हत्या करे और फिर उसे सुसाइड दिखाने के लिए सीन क्रिएट करे? इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में नाबालिगों के बीच बढ़ते ‘रिलेशनशिप कल्चर’ और फिर ऐसे हिंसक अंजाम यह बताते हैं कि हमारे नैतिक और सामाजिक पहरे कमजोर पड़ रहे हैं।

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