‘पिताजी की विदाई ने हृदय में गहरा घाव छोड़ दिया है, जो कभी भर नहीं पाएगा’, मुखाग्नि के बाद मुकेश सहनी भावुक

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की सोमवार देर रात बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. तेज धारदार हथियार से उनके पेट और सीने को फाड़ दिया गया. इस घटना के समय मुकेश सहनी मुंबई में थे. दोपहर बाद वह दरभंगा पहुंचे, जिसके बाद मंगलवार देर शाम उनकी अंत्येष्टि हुई. बड़े बेटे होने के नाते मुकेश सहनी ने पिता को मुखाग्नि दी. उन्होंने इसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपना दुख जाहिर किया।

'पिताजी की विदाई ने हृदय में गहरा घाव छोड़ दिया है, जो कभी भर नहीं पाएगा', मुखाग्नि के बाद मुकेश सहनी भावुक

“पिताजी के अंतिम संस्कार में कंधा देकर मुखाग्नि दिया. यह क्षण मेरे लिए अत्यंत दुःखद, भावनात्मक और हृदय विदारक है. उनकी विदाई ने मेरे हृदय में एक गहरा घाव छोड़ दिया है, जो कभी भर नहीं पाएगा. पिताजी की यादें, स्नेह व मार्गदर्शन हमेशा मेरे साथ रहेंगी. उनकी क्षति अपूरणीय है और उनके बिना जीवन अधूरा सा लग रहा है. भावभीनी श्रद्धांजलि!”- मुकेश सहनी, अध्यक्ष, विकासशील इंसान पार्टी

'पिताजी की विदाई ने हृदय में गहरा घाव छोड़ दिया है, जो कभी भर नहीं पाएगा', मुखाग्नि के बाद मुकेश सहनी भावुक

घर में क्षत-विक्षत शव मिला: दरभंगा जिले सुपौल बाजार के अफजला पंचायत स्थित उनके घर से मंगलवार की सुबह क्षत-विक्षत हालत में जीतन सहनी की लाश मिली था. उनके पेट और सीने पर तेज धारदार हथियार से कई बार हमले किए गए थे. बेहद ही नृशंस तरीके से उनकी हत्या की गई थी. माना जा रहा है कि देर रात इस वारदात को अंजाम दिया गया, क्योंकि मुकेश सहनी के भाई ने बताया कि रात 8 बजे पिताजी से फोन पर बात हुई थी. वहीं, सुबह सबसे पहले फूल देने आए युवक ने शव को देखा था, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

'पिताजी की विदाई ने हृदय में गहरा घाव छोड़ दिया है, जो कभी भर नहीं पाएगा', मुखाग्नि के बाद मुकेश सहनी भावुक

मुंबई में थे मुकेश सहनी: जिस वक्त इस घटना को अंजाम दिया गया था, उस वक्त घर में जीतन सहनी के अलावे परिवार का कोई सदस्य नहीं था. मुकेश सहनी, उनके भाई और उनकी बहन मुंबई में थे. हालांकि घर में जीतन के साथ 3 नौकर और सहायक जरूर रहते थे. दोपहर बाद मुकेश सहनी पूरे परिवार के साथ मुंबई से बिहार लौटे. जिसके बाद देर शाम जीतन सहनी का अंतिम संस्कार हुआ।

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जीतन सहनी हत्याकांड की एसआईटी जांच: इस मामले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार पुलिस ने गंभीरता से लिया है. सीएम ने डीजीपी आरएस भट्टी से फोन पर बात कर हत्यारों की फौरन गिरफ्तारी का निर्देश दिया. वहीं, ग्रामीण एसपी काम्या मिश्रा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया गया है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चारों आरोपियों की पहचान कर लेने का दावा किया जा रहा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोमवार देर रात करीब साढ़े 10 बजे के आसपास ये लोग घर में घुसे और फल वाले चाकू से जीतन सहनी पर हमला कर दिया. नीचे से ऊपर की ओर खींचते हुए पेट को फाड़ दिया. बताया जा रहा है कि बाइक की गिरवी रखने को लेकर विवाद हुआ था।

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