सार-ससुर ने दी हिम्मत तो बेटा-बहू ने एक साथ शुरू की तैयारी, अब BPSC में एक साथ सफल हो बने टीचर

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा हाल ही में कक्षा 1 से 12वीं तक के अलग-अलग विषयों के लिए कुल 1,70,461 शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित करने के बाड डेढ़ लाख से ज्यादा युवाओं का सपना पूरा हो गया है. ये सभी सरकारी टीचर बन गए हैं. इस कठिन परीक्षा को पास करने के बाद जो भी युवा सरकारी टीचर बने हैं उनके घर परिवार में खुशी का माहौल है.

पति पत्नी एक साथ बने सरकारी टीचर 

सार-ससुर ने दी हिम्मत तो बेटा-बहू ने एक साथ शुरू की तैयारी, अब BPSC में एक साथ सफल हो बने टीचर

लेकिन नीरज और ममता के घर में एक साथ दोहरी खुशी आई है. ये दोनों पति-पत्नी हैं जिन्होंने एक साथ इस परीक्षा का सपना देखा, एक साथ बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा दी और एक साथ ही इसे पास कर सरकारी टीचर बन गए. दोनों पति-पत्नी के एक साथ कामयाब होने के बाड इनके परिवार में दोहरी खुशी का माहौल है.

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, शिवहर जिले के हरपुर गांव के रहने वाले नीरज और ममता ने मुजफ्फरपुर में एक साथ बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की है. अब इनके गांव में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. हरपुर गांव में रहने वाले नीरज के पिता जय प्रकाश शर्मा एक किसान हैं. अब जब उनके बेटे नीरज और उनकी बहु ममता ने एक साथ ये कामयाबी हासिल की है तो उनके घर जश्न का माहौल है. वह अपने बेटे बहू की इस सफलता से बेहद खुश हैं.

सास-ससुर का मिला पूरा सहयोग 

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ममता का कहना है कि उन्हें अपने ससुराल में आगे पढ़ाई करने के लिए पूरा सहयोग मिला. ममता के दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी. उन्हें संभालते हुए पढ़ाई कर पाना कठिन काम था लेकिन उनकी सास ने इसे आसान बना दिया. जब वह पढ़ाई करती थीं तब उनकी सास दोनों बच्चों को अपने पास रखती थीं और परिवार की सारी जिम्मेदारी भी खुद ही संभालती थीं. जिससे कि उनकी बहू को पढ़ने में कोई परेशानी न हो. उन्हीं के सहयोग से ममता ने आज यह उपलब्धि हासिल की है.

पत्नी की वजह से बन पाए टीचर 

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बहू के टीचर बनने के बाद बुजुर्ग सास-ससुर बेहद खुश हैं. वहीं शिक्षक बनी बहू ममता ने भी शादी के बाद तैयारी और पढ़ाई का पूरा श्रेय अपने सास ससुर को दिया है. नीरज का कहना है कि वह पहले एक प्राइवेट जॉब करते थे लेकिन उनकी पत्नी ममता ने उन्हें आगे पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया. ममता ने नोट्स भी बनाए और तैयारी में उनका सहयोग किया. इसके बाद वह पहले प्राइमरी टीचर बने और उनकी पत्नी 6वीं-8वीं क्लास की टीचर बनीं. अब दोनों ने बीपीएससी उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की है और दोनों एक साथ 10+2 टीचर बने हैं.

 

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