WhatsApp ने सितंबर में 71.1 लाख भारतीय खातों पर प्रतिबंध लगाया; अगस्त में 74 लाख खातों पर प्रतिबंध लगाया था

मेटा के स्वामित्व वाली व्हाट्सएप ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का अनुपालन करते हुए सितंबर में 71.1 लाख खातों पर प्रतिबंध लगाया है. लोकप्रिय संदेश ऐप द्वारा जारी भारत की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 25.7 लाख खातों को उपयोगकर्ताओं की किसी भी रिपोर्ट से पहले सक्रिय रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया.

भारतीय खातों की पहचान देश के कोड ‘+91′ से की जाती है. रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘ एक से 30 सितंबर, 2023 के बीच 71,11,000 व्हाट्सएप खातों पर प्रतिबंध लगा दिया गया.”

‘‘उपयोगकर्ता-सुरक्षा रिपोर्ट”’ में उपयोगकर्ताओं की शिकायतों तथा व्हाट्सएप द्वारा की गई कार्रवाई के साथ-साथ मंच पर दुरुपयोग से निपटने के लिए व्हाट्सएप की स्वयं की निवारक कार्रवाइयों का विवरण शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार, एक से 30 सितंबर के बीच मंच को शिकायत अपीलीय समिति से छह आदेश प्राप्त हुए और सभी का अनुपालन किया गया.

व्हाट्सएप ने अगस्त में 74 लाख खातों पर प्रतिबंध लगाया था और उनमें से 35 लाख खातों को सक्रिय रूप से प्रतिबंधित किया गया था. व्हाट्सएप की ताजा रिपोर्ट में कहा गया कि उसे खाता समर्थन (1,031), प्रतिबंध अपील (7,396), अन्य समर्थन (1,518), उत्पाद समर्थन (370) और अन्य क्षेत्रों में 10,442 उपयोगकर्ताओं की रिपोर्ट मिली.

रिपोर्ट के आधार पर 85 खातों पर कार्रवाई की गई. व्हाट्सएप के अनुसार, ‘‘अकाउंट्स एक्शनड” उन रिपोर्ट को दर्शाता है जहां उसने उक्त रिपोर्ट के आधार पर उपचारात्मक कार्रवाई की. कार्रवाई करने का मतलब या तो किसी खाते पर प्रतिबंध लगाना या शिकायत के परिणामस्वरूप पहले से प्रतिबंधित खाते को बहाल करना है.

रिपोर्ट में कहा गया कि व्हाट्सएप मिलने वाली सभी शिकायतों का जवाब देती है. केवल उन मामलों को छोड़कर जहां शिकायत को पूर्व की किसी शिकायत का दोहराव माना जाता है.

  • ये भी पढ़े..

    पटना में मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, चार स्कूल भी निशाने पर; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    Share Add as a preferred…

    मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड बैंक अधिकारी दंपती की हत्या से सनसनी, दो दिन पहले आया किरायेदार बना पुलिस की जांच का केंद्र

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *