
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत देते हुए हाई पावर्ड टास्क फोर्स ऑन एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स के गठन का ऐलान किया है। इस टास्क फोर्स की कमान इंफोसिस के सह-संस्थापक और डिजिटल गवर्नेंस विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री ने रविवार को जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है।
नंदन नीलेकणी को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि नई टास्क फोर्स देश की परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा करेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव देगी। सरकार इन सिफारिशों के आधार पर नई तकनीक और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था लागू करेगी, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
PM मोदी बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेल में
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषी जेल में हैं, फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जा चुकी है और संसद में परीक्षा संबंधी अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान करने वाला नया कानून भी लाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह तकनीक आधारित और सुरक्षित बनाया जाएगा।
37 दिन के आंदोलन के बाद आया बड़ा फैसला
प्रधानमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में चले 37 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी। संगठन का कहना है कि सरकार ने परीक्षा सुधार, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की समीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
कौन हैं नंदन नीलेकणी?
नंदन नीलेकणी देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। वे इंफोसिस के सह-संस्थापक हैं और UIDAI (आधार) के संस्थापक अध्यक्ष भी रह चुके हैं। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-गवर्नेंस और तकनीकी सुधारों के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें परीक्षा सुधारों की जिम्मेदारी सौंपी है। वे IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और पद्म भूषण से सम्मानित भी हो चुके हैं।
अब आगे क्या?
सरकार की नई टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों का रोडमैप तैयार करेगी। माना जा रहा है कि इसकी सिफारिशों के आधार पर भविष्य में NEET, JEE, CUET समेत अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे पेपर लीक और परीक्षा धांधली जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।


