श्रावणी मेला 2026 से पहले जसीडीह स्टेशन पर सुरक्षा चाक-चौबंद, आरपीएफ ने तैयारियों का लिया जायजा

जसीडीह/कोलकाता: श्रावणी मेला 2026 के शुरू होने से पहले जसीडीह रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पूर्व रेलवे ने स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। अनुमान है कि मेला अवधि के दौरान प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु जसीडीह रेलवे स्टेशन के माध्यम से देवघर पहुंच सकते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की संभावित आवाजाही को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल ने सुरक्षा, निगरानी, भीड़ नियंत्रण और यात्री सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया है।

श्रावणी मेला एक महीने तक चलने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस दौरान बिहार, झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। जसीडीह रेलवे स्टेशन इस यात्रा का एक प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। यही वजह है कि मेला शुरू होने से पहले रेलवे प्रशासन ने यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं।

इसी क्रम में 24 जुलाई 2026 को पूर्व रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल के महानिरीक्षक ए.एन. सिन्हा ने आसनसोल मंडल के वरिष्ठ मंडलीय सुरक्षा आयुक्त के साथ जसीडीह रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर मौजूद विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं, यात्रियों के आवागमन और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की गई।

यात्री होल्डिंग एरिया का किया गया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के महानिरीक्षक ने जसीडीह स्टेशन के यात्री होल्डिंग एरिया का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए इस क्षेत्र को यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें व्यवस्थित तरीके से स्टेशन परिसर में प्रवेश कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

मेला अवधि में एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्टेशन पहुंचने से प्लेटफॉर्म और मुख्य परिसर में अत्यधिक भीड़ की स्थिति बन सकती है। ऐसे में यात्री होल्डिंग एरिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यहां यात्रियों को नियंत्रित तरीके से रोके जाने और जरूरत के अनुसार आगे भेजे जाने की व्यवस्था से स्टेशन के भीतर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने इस व्यवस्था के अलावा स्टेशन परिसर, फुट ओवर ब्रिज और जसीडीह आरपीएफ पोस्ट का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मेला शुरू होने के बाद यात्रियों की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी न हो।

एआई कैमरों से संदिग्धों पर रहेगी नजर

जसीडीह रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महानिरीक्षक ने स्टेशन के महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम कैमरों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

यह तकनीकी प्रणाली संदिग्ध और वांछित व्यक्तियों की पहचान करने में सुरक्षा बल की सहायता करती है। बताया गया कि यह सिस्टम ज्ञात अपराधियों के डेटाबेस से जुड़ा हुआ है। यदि डेटाबेस में मौजूद किसी व्यक्ति की पहचान कैमरे के माध्यम से होती है तो सिस्टम वास्तविक समय में अलर्ट जारी कर सकता है। इसके बाद सुरक्षा बल के जवान आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।

श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजन के दौरान रेलवे स्टेशन पर लाखों लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में हर व्यक्ति पर मैनुअल निगरानी रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एआई आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम सुरक्षा कर्मियों को संभावित खतरे की पहचान करने और संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद कर सकता है।

अधिकारियों ने स्टेशन पर लगे अन्य निगरानी उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की। इसके साथ ही सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और आपातकालीन स्थिति में प्रतिक्रिया देने की क्षमता का भी आकलन किया गया।

24 घंटे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर

मेला अवधि के दौरान जसीडीह स्टेशन पर चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की गई है। आरपीएफ जवानों को लगातार सतर्क रहने और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखने, यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। स्टेशन के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की जाएगी।

इसके अलावा मेला स्पेशल ट्रेनों में सुरक्षा एस्कॉर्ट की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे यात्रियों को ट्रेन यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए ट्रेनों और स्टेशन परिसर में यात्रियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी सक्रिय रखने की योजना है।

रेलवे, पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय बैठक

जसीडीह स्टेशन पर निरीक्षण के बाद रेलवे के विभिन्न विभागों, सरकारी रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा और यात्री प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

अधिकारियों ने माना कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को केवल रेलवे के स्तर पर नियंत्रित करना संभव नहीं है। इसके लिए रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने, आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने और यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने की रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के बीच संचार व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। इससे किसी घटना की स्थिति में कम समय में आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी और यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

आरपीएफ जवानों को यात्री केंद्रित सेवा का निर्देश

सुरक्षा सम्मेलन के दौरान महानिरीक्षक ए.एन. सिन्हा ने आरपीएफ कर्मियों को पूरी मेला अवधि में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जवानों से पेशेवर तरीके से जिम्मेदारी निभाने और यात्रियों के प्रति सहयोगात्मक रवैया रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान जसीडीह स्टेशन से गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर यात्री अनुभव भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सुरक्षा बलों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ यात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन पर भी ध्यान देना होगा।

आरपीएफ कर्मियों को चौबीसों घंटे भीड़ प्रबंधन, मेला स्पेशल ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था, हेल्प डेस्क संचालन और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा गया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा पर रेलवे का फोकस

श्रावणी मेला के दौरान जसीडीह रेलवे स्टेशन पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। ऐसे में रेलवे के सामने यात्रियों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ स्टेशन परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती रहती है।

पूर्व रेलवे की ओर से की जा रही तैयारियों का मुख्य उद्देश्य यही है कि श्रद्धालुओं को स्टेशन पर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी यात्रा सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे। यात्री होल्डिंग एरिया, आधुनिक निगरानी प्रणाली, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, हेल्प डेस्क और मेला स्पेशल ट्रेनों में एस्कॉर्ट जैसी व्यवस्थाओं के जरिए संभावित भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

रेलवे सुरक्षा बल ने श्रावणी मेला 2026 के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही यात्रियों की सुविधा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मेला शुरू होने के साथ ही जसीडीह रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह व्यवस्था एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। पूर्व रेलवे का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और पर्याप्त सुरक्षा बल की मदद से श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित बनाया जाए और बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की बड़ी असुविधा का सामना न करना पड़े।

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