पटना लाठीचार्ज पर रोहिणी आचार्य का सरकार पर हमला: ‘छात्रों की आवाज दबाना तानाशाही’, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

पटना: NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इस घटना के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता रोहिणी आचार्य ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा की।

गांधी मैदान से राजभवन मार्च, पुलिस ने रोका

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में छात्र गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग की, फिर आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

पुलिस के अनुसार, बाद में कुछ प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़े। वहां कथित पथराव और तनाव की स्थिति के बाद पुलिस ने दोबारा बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।

बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी टकराव

दिनभर चले प्रदर्शन के दौरान शहर के कुछ हिस्सों में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

रोहिणी आचार्य ने सरकार को घेरा

पटना में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि छात्रों की जायज़ मांगों पर संवाद करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार करना बेहद दुखद और निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है और उनकी आवाज दबाने का प्रयास सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।

‘दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो’

रोहिणी आचार्य ने मांग की कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम की जांच कराए और यदि किसी स्तर पर बल प्रयोग अनुचित पाया जाता है, तो संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए।

एक अन्य पोस्ट में केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना

इससे पहले किए गए एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है और इतिहास गवाह है कि जनता के सवालों का जवाब देना हर सरकार की जिम्मेदारी है।

विरोध प्रदर्शन जारी

NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर विभिन्न राज्यों में छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले में जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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