
पटना: NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर राजधानी पटना में बुधवार को दिनभर भारी हंगामा देखने को मिला। छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक दलों के बीच टकराव के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दी गई। विधानसभा के मुख्य द्वार को पूरी तरह बंद कर दिया गया और भारी संख्या में पुलिस व सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
इसी दौरान पूर्व सांसद साधू यादव विधानसभा जाने के लिए मुख्य गेट पहुंचे, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। मीडिया को देखकर उन्होंने गाड़ी का शीशा नीचे किया और पत्रकारों से सवाल किया, “चारों तरफ बंद है का जी…?”
जब उन्हें बताया गया कि छात्रों के आंदोलन और सुरक्षा कारणों से मुख्य गेट बंद किया गया है, तो उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा, “जब बंद है तब विधानसभा कैसे जाएंगे? ई किस चीज का आंदोलन हो रहा है?”
आंदोलन की जानकारी मिलने पर साधू यादव ने कहा कि यदि मामला छात्रों और शिक्षा से जुड़ा है, तो सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए। उन्होंने कहा, “सरकार को छात्रों की बात मान लेनी चाहिए। इससे पूरे देश में नुकसान हो रहा है। बातचीत से समाधान निकाला जाना चाहिए।”
बता दें कि दिनभर पटना में छात्रों और पुलिस के बीच कई जगह झड़प हुई। कुछ स्थानों पर छात्रों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पत्थरबाजी भी हुई, जबकि भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी मारपीट की घटनाएं सामने आईं। हालात को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
मानसून सत्र के चलते विधानसभा में विधायकों और अधिकारियों की आवाजाही जारी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से मुख्य द्वार बंद रहने के कारण कई लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ा। छात्रों के आंदोलन को लेकर राजधानी में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल बना रहा।


