
पटना, 21 जुलाई: बिहार में गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 जुलाई कर दी है। इस योजना के तहत पात्र किसानों और निवेशकों को 6 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
किसानों और निवेशकों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार गन्ना उत्पादन और उससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत नई गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए पूंजीगत लागत पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
पहले वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 जून निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 जुलाई कर दिया गया है।
पेराई क्षमता के अनुसार मिलेगा अनुदान
गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार, विभिन्न क्षमता की गुड़ उत्पादन इकाइयों को पूंजीगत लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। अनुदान की अधिकतम सीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है—
- 5 से 20 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाई – अधिकतम ₹6 लाख
- 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाई – अधिकतम ₹15 लाख
- 41 से 60 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाई – अधिकतम ₹45 लाख
- 60 टन से अधिक प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाई – अधिकतम ₹1 करोड़
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
इच्छुक किसान और निवेशक गन्ना उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ccs.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने पात्र आवेदकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।
गुड़ उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
विभाग का मानना है कि इस योजना से राज्य में गुड़ उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा, किसानों को गन्ने का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही गन्ना आधारित लघु उद्योगों के विकास को भी गति मिलेगी।
नोट: यह समाचार गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।


