PM आवास के बाहर राहुल गांधी का अनिश्चितकालीन धरना, बोले– धर्मेंद्र प्रधान और मोदी के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे

सीजेपी के ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस और विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री आवास के निकट जोरदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कई सांसदों ने लोक कल्याण मार्ग के पास धरना शुरू किया और केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की।

प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरनास्थल पहुंचे और राहुल गांधी से बातचीत की। हालांकि दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। वार्ता के बाद जितेंद्र सिंह वहां से लौट गए, जबकि कांग्रेस ने अपना धरना जारी रखने का ऐलान किया।

राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो इस घटना की जिम्मेदारी ले रही है और न ही संसद में इस पर चर्चा कराने को तैयार है।

राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जवाब देने से बच नहीं सकते और छात्रों की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने देशवासियों से भी अपील की कि जो लोग छात्रों को न्याय दिलाना चाहते हैं, वे इस आंदोलन का समर्थन करें।

जयराम रमेश बोले- जवाब मिलने तक जारी रहेगा धरना

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया मिलने तक धरना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देश के सामने जवाब देना चाहिए।

रेणुका चौधरी ने भी उठाई न्याय की मांग

धरने में शामिल कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को बाहर आकर प्रदर्शनकारियों की बात सुननी चाहिए और इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।

सियासी घमासान तेज

छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस विवाद का राजनीतिक और संसदीय समाधान कैसे निकलता है।

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