
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर जहां कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, वहीं अब लोकप्रिय यूट्यूबर और पत्रकार समदिश भाटिया का एक वीडियो भी चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वह प्रदर्शन की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस कार्रवाई की चपेट में आ गए।
ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे समदिश भाटिया
जानकारी के मुताबिक, समदिश भाटिया प्रदर्शन को कवर करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे। वह घटनास्थल से लगातार वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे और प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद थे। इसी दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।
लाठीचार्ज में चोट लगने का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पुलिस लाठीचार्ज के दौरान समदिश भाटिया की कमर पर भी डंडा लगा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में समदिश भाटिया या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि भीड़ के बीच मौजूद किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी स्थिति हो सकती है, जबकि कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाना चाहिए।
क्या हुआ था जंतर-मंतर पर?
CJP के ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कई जगह धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
समदिश भाटिया से जुड़े वायरल वीडियो और उसमें किए जा रहे दावों की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वायरल पोस्टों और वीडियो को अंतिम सत्य मानने के बजाय आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय स्रोतों का इंतजार करना जरूरी है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


