जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान बवाल: पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प, कई पुलिसकर्मी घायल; वायरल दावों पर दिल्ली पुलिस का फैक्ट चेक

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच कई बार झड़प हुई। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं, जिनमें अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। इन दावों की अब दिल्ली पुलिस फैक्ट चेक कर रही है।

संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव

NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे CJP कार्यकर्ताओं ने सोमवार को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। संसद क्षेत्र को संवेदनशील घोषित करते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू कर रखा था।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस का कहना है कि आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान कुछ स्थानों पर बैरिकेड तोड़े गए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

आंसू गैस और लाठीचार्ज के बीच पथराव के आरोप

हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) समेत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई।

वायरल दावों पर दिल्ली पुलिस का फैक्ट चेक

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो वायरल होने लगे। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रवक्ता सौरव दास के उस दावे का खंडन किया, जिसमें संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस हिरासत में लेने की बात कही गई थी।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। पुलिस के अनुसार, जिस समय हिरासत का दावा किया जा रहा था, उस समय अभिजीत दीपके प्रदर्शन स्थल के मंच पर मौजूद थे। इसलिए उनकी गिरफ्तारी या हिरासत की खबर पूरी तरह निराधार है।

अन्य वायरल वीडियो की भी हो रही जांच

दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन से जुड़े कई अन्य वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि भ्रामक या गलत जानकारी फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।

इस बीच, प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है। सरकार और प्रदर्शनकारी संगठन के बीच वार्ता की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त कर दी गई है।

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