बिहार से 1100 श्रद्धालु सोमनाथ धाम रवाना, 7 दिन की मुफ्त तीर्थयात्रा का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

पटना: बिहार सरकार की ओर से आयोजित विशेष तीर्थयात्रा के तहत सोमवार को 1100 श्रद्धालुओं का जत्था विशेष ट्रेन से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। पाटलिपुत्र जंक्शन से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सात दिवसीय इस यात्रा का पूरा खर्च बिहार सरकार वहन कर रही है, जबकि गुजरात सरकार भी आवास, भोजन और स्थानीय परिवहन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करेगी।

भोजन, ठहरने से लेकर सुरक्षा तक की पूरी व्यवस्था

राज्य के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित इस निःशुल्क तीर्थयात्रा में श्रद्धालुओं के आने-जाने, आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। सरकार के अनुसार, यात्रा के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने पहले ही लगभग ₹2.50 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की थी।

22 जुलाई को वेरावल पहुंचेगी विशेष ट्रेन

यात्रा कार्यक्रम के अनुसार विशेष ट्रेन करीब 44 घंटे का सफर तय कर 22 जुलाई की सुबह गुजरात के वेरावल स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को विशेष वाहनों से सोमनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। 22 और 23 जुलाई को श्रद्धालु सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ आसपास के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे।

आधुनिक एलएचबी रैक से चल रही है ट्रेन

विशेष ट्रेन में कुल 19 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 16 थर्ड एसी कोच, एक पैंट्री कार और दो पावर जनरेशन कोच शामिल हैं। पूरी यात्रा का संचालन भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के सहयोग से किया जा रहा है।

मेडिकल टीम और पुलिस बल भी साथ

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के साथ एक मेडिकल टीम भी भेजी गई है। टीम में डॉक्टर के साथ महिला एवं पुरुष पैरामेडिकल कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के लिए पांच पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।

26 जुलाई को पटना लौटेगी विशेष ट्रेन

दर्शन और भ्रमण के बाद श्रद्धालु 24 जुलाई को वेरावल से विशेष ट्रेन के जरिए पटना के लिए रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 जुलाई को पटना पहुंचेगी और इसके साथ सात दिवसीय तीर्थयात्रा संपन्न हो जाएगी।

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ अभियान के तहत आयोजन

यह विशेष तीर्थयात्रा सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 1000 वर्ष की अटूट आस्था’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। बिहार सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को देश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है।

नोट: यह समाचार बिहार सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

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