
पटना: बिहार में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को राज्य के विभिन्न प्रखंडों में विकसित 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूलों का एक साथ लोकार्पण किया। बेगूसराय के बरौनी स्थित आईओसीएल स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसे बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
990 करोड़ की लागत से तैयार हुए मॉडल स्कूल
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर करीब 990 करोड़ रुपये की लागत से इन आधुनिक विद्यालयों का निर्माण कराया गया है। राज्य के प्रत्येक प्रखंड में ऐसे स्कूल विकसित किए गए हैं, ताकि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। सरकार भविष्य में अन्य सरकारी विद्यालयों को भी चरणबद्ध तरीके से इसी मॉडल पर विकसित करेगी।
4 लाख से अधिक छात्रों का हो चुका है नामांकन
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि इन मॉडल स्कूलों में अब तक चार लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, तकनीकी दक्षता और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करना है।
“सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा पहुंचाना है। आधारभूत संरचना में अभी और काम होना बाकी है, लेकिन लर्निंग आउटकम के मामले में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है।”
– मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री
स्मार्ट क्लास, लैब और डिजिटल शिक्षा की सुविधा
इन विद्यालयों में छात्रों को आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया गया है। प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं—
- स्मार्ट क्लासरूम
- विज्ञान प्रयोगशालाएं
- कंप्यूटर लैब
- आधुनिक पुस्तकालय
- खेल सुविधाएं
- विषय विशेषज्ञ शिक्षक
- डिजिटल शिक्षण संसाधन
सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।
2047 के विकसित भारत की नींव बनेगी शिक्षा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का सपना शिक्षा के माध्यम से ही साकार होगा और इसकी मजबूत नींव बिहार में रखी जा रही है। उनके अनुसार, 551 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन केवल भवनों का उद्घाटन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है।
लर्निंग आउटकम में बिहार की बेहतर पहचान
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि आधारभूत संरचना के मामले में बिहार को अभी और आगे बढ़ना है, लेकिन लर्निंग आउटकम में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। शिक्षकों के प्रशिक्षण, मिशन आधारित कार्यक्रमों और लगातार सुधार के कारण बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय दक्षता में सकारात्मक बदलाव आया है।
नालंदा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास
शिक्षा मंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि नालंदा जैसी विश्वविख्यात शिक्षा परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक मॉडल स्कूल बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का माध्यम बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने देखी छात्रों की प्रदर्शनी
लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बेगूसराय के बीपी इंटर स्कूल (सरस्वती विद्या निकेतन) का दौरा किया। दोनों नेताओं ने स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाओं और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया तथा बच्चों की प्रतिभा की सराहना की।
सरकारी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
शिक्षा विभाग का मानना है कि 551 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित होंगे। आधुनिक संसाधन, प्रशिक्षित शिक्षक और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और भविष्य में चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी सफलता की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।


