श्रावणी मेले से पहले सुल्तानगंज में तीसरे दिन भी चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, जेसीबी से हटाए गए अवैध निर्माण

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में प्रशासन ने मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लगातार तीसरे दिन शहर और गंगा घाट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान कई स्थानों पर जेसीबी मशीन की मदद से अवैध निर्माण और अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रावणी मेला बिहार का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं। यहां उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरने के बाद श्रद्धालु पैदल देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर देता है। इस बार भी बंगाल और नेपाल के श्रद्धालुओं की यात्रा शुरू होने के साथ प्रशासन ने व्यवस्थाओं को और तेज कर दिया है।

जिला प्रशासन के निर्देश पर शनिवार को सुल्तानगंज के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व अंचल अधिकारी रमण कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार और थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया। उनके साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक कर्मी भी मौजूद रहे ताकि अभियान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सके।

अभियान के दौरान ब्लॉक रोड, गंगा घाट बाईपास रोड, नमामि गंगे घाट और अजगैविनाथ गंगा घाट जाने वाले प्रमुख मार्गों पर विशेष रूप से कार्रवाई की गई। इन स्थानों पर सड़क किनारे बनाए गए अस्थायी ढांचे, झोपड़ियां और अन्य अवैध निर्माण हटाए गए। प्रशासन का उद्देश्य इन मार्गों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाना है ताकि श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों ने अभियान के दौरान अतिक्रमणकारियों को समझाते हुए कहा कि जो लोग नालों के बाहर दुकानें या झोपड़ियां बनाकर बैठे हैं, वे स्वयं निर्धारित सीमा के भीतर अपनी व्यवस्था कर लें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नालों के बाहर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निर्धारित समय तक लोगों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया तो प्रशासन आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटाने के साथ जुर्माना और अन्य कार्रवाई भी करेगा।

श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं की संख्या कई लाख तक पहुंच जाती है। ऐसे में संकरी सड़कों और अतिक्रमण के कारण भीड़ प्रबंधन में कठिनाई उत्पन्न होती है। इसी कारण प्रशासन इस बार पहले से ही शहर की प्रमुख सड़कों, गंगा घाटों और कांवड़िया मार्गों को पूरी तरह व्यवस्थित करने में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यातायात सुचारु रखने और आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान बेहद आवश्यक है।

गंगा घाटों तक जाने वाले मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और अन्य सुविधाओं का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अतिक्रमण हटने के बाद इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी। इसके अलावा आपात स्थिति में एम्बुलेंस, पुलिस और अन्य राहत दलों को भी आने-जाने में किसी प्रकार की बाधा नहीं होगी।

प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। साथ ही नगर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

अभियान के दौरान कई दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए स्वयं अपने अस्थायी ढांचे हटाने शुरू कर दिए। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जा रही है। यदि सभी लोग सहयोग करेंगे तो मेला अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि श्रावणी मेले के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिक्रमण हटाना आवश्यक है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण जाम और भीड़ की समस्या उत्पन्न हुई थी। इस बार पहले से कार्रवाई होने से श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में भी शहर और मेला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में लगातार निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं दोबारा अतिक्रमण पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और नालों पर कब्जा न करें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

श्रावणी मेले की तैयारियों के तहत शहर में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

लगातार तीसरे दिन चले अतिक्रमण हटाओ अभियान से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन इस बार श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है ताकि मेला शुरू होने से पहले सुल्तानगंज शहर और गंगा घाट क्षेत्र पूरी तरह व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त हो सके। इससे लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का आयोजन अधिक सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सकेगा।

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