
पटना: बिहार सरकार ने राज्य के डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में खोले गए 211 नए राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इस महीने के अंत तक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है, ताकि नए कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
सात निश्चय-3 के तहत खोले गए हैं नए कॉलेज
राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत उन प्रखंडों में नए राजकीय महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया था, जहां पहले कोई डिग्री कॉलेज नहीं था। इसका उद्देश्य छात्रों को अपने घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
हाल ही में सरकार ने बिहार के 211 प्रखंडों में इन नए राजकीय महाविद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य भी शुरू कर दिया है।
पहले चरण में छह विषयों की पढ़ाई
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, नए महाविद्यालयों में पहले चरण में छह विषयों की पढ़ाई शुरू की गई है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य विषय भी जोड़े जाएंगे।
प्रत्येक कॉलेज में होगी इतनी नियुक्तियां
सरकार ने प्रत्येक नए राजकीय डिग्री कॉलेज के लिए निम्न पद सृजित किए हैं—
- 1 प्राचार्य
- 32 शिक्षक
- 12 शिक्षकेत्तर कर्मचारी
इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का लक्ष्य है कि शिक्षकों की तैनाती जल्द पूरी कर नियमित शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सभी कॉलेजों में उपलब्ध कराई गई आधारभूत सुविधाएं
सरकार का दावा है कि सभी 211 नए राजकीय महाविद्यालयों में आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध करा दी गई है। कॉलेजों में पठन-पाठन शुरू हो चुका है और चरणबद्ध तरीके से सभी आवश्यक संसाधनों को और मजबूत किया जाएगा।
छात्रों को घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा
उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि इस पहल से हजारों छात्र-छात्राओं को अपने जिले और प्रखंड के आसपास ही स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी, आर्थिक बोझ कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।


