
सिवान: बिहार के सिवान जिले के आंदर प्रखंड के अर्कपुर गांव में बिजली व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने गांव पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों का विरोध करने के बजाय उन्हें ‘भगवान’ मानकर पूजा-अर्चना की। इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तिलक, फूल और कोल्ड ड्रिंक से किया स्वागत
गांव पहुंचे लाइनमैन और विभागीय कर्मचारियों का ग्रामीणों ने तिलक लगाकर, फूल-अक्षत चढ़ाकर और अगरबत्ती जलाकर स्वागत किया। उन्हें ठंडी कोल्ड ड्रिंक भी प्रसाद के रूप में दी गई। इस दौरान एक ग्रामीण ने दंडवत प्रणाम करते हुए कहा,
“आप ही हमारे भगवान हैं।”
हालांकि यह पूरा प्रदर्शन व्यंग्यात्मक अंदाज में विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताने के लिए किया गया था।
शिकायतों पर नहीं हुई थी सुनवाई
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और जर्जर बिजली व्यवस्था के कारण वे कई दिनों से परेशान थे। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने कहा,
“जिस परेशानी के समाधान के लिए हम कई दिनों से विभाग के चक्कर लगा रहे थे, उसका हल इस अनोखे विरोध के कुछ घंटों बाद निकल आया। अगर पहले ही सुनवाई हो जाती तो हमें ऐसा प्रदर्शन नहीं करना पड़ता।”
सिर्फ निरीक्षण के लिए पहुंचे थे कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, मौके पर पहुंचे कर्मचारी जूनियर इंजीनियर (JE) या एसडीओ नहीं थे। उन्हें केवल स्थिति का जायजा लेने भेजा गया था। ग्रामीणों की परेशानी देखने के बाद उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
विरोध के बाद शुरू हुआ मरम्मत कार्य
ग्रामीणों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद बिजली विभाग हरकत में आया। विभाग ने नई बिजली तार लगाने का काम शुरू कराया और देर रात तक मरम्मत कार्य चलता रहा। कर्मचारियों ने गांव में रहकर बिजली आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया।
चर्चा का विषय बनी घटना
अर्कपुर गांव की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग समय पर शिकायतों का समाधान करता, तो उन्हें इस तरह का प्रतीकात्मक विरोध करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह घटना सरकारी सेवाओं में समय पर कार्रवाई और जवाबदेही की आवश्यकता को भी उजागर करती है।


