बंटी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: अवैध शराब कारोबार, वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह? यूपी में फरार आरोपियों की तलाश तेज

पटना: राजधानी पटना के चर्चित बंटी हत्याकांड की जांच में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार, यह हत्या किसी अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि कथित तौर पर अवैध शराब कारोबार, वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी रंजिश से जुड़ी एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। मामले में मुख्य आरोपी रविश कुमार उर्फ बीसी समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि किन्नर मोनी सहित चार अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपी उत्तर प्रदेश में छिपे हुए हैं, जहां उनकी तलाश में विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

हत्या से पहले हुआ था विवाद

पुलिस जांच और परिजनों के बयानों के अनुसार, हत्या से करीब 15 दिन पहले बंटी और किन्नर मोनी के बीच पटना जंक्शन इलाके में कथित अवैध गतिविधियों को लेकर विवाद हुआ था।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि मोनी जंक्शन के आसपास कुछ होटलों में कथित देह व्यापार का नेटवर्क संचालित करवाती थी, जिसका बंटी विरोध करता था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपों की अलग-अलग पहलुओं से जांच की जा रही है और अभी इनकी पुष्टि होना बाकी है।

अवैध शराब कारोबार को लेकर बढ़ा विवाद

जांच में यह भी सामने आया है कि बंटी और रविश कुमार के बीच पटना जंक्शन के आसपास कथित अवैध शराब कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच तनाव के बावजूद लगातार संपर्क बना हुआ था।

तकनीकी जांच में सामने आया है कि पिछले 15 दिनों के दौरान दोनों के बीच प्रतिदिन कई बार फोन और व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत हुई थी। हत्या से ठीक दो दिन पहले तक भी दोनों लगातार संपर्क में थे।

अपहरण के बाद हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार, बंटी का पहले कथित तौर पर अपहरण किया गया। इसके बाद उसे एक स्थान पर ले जाकर मारपीट की गई, फिर हाथ-पैर बांधकर ऑटो से बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन की ओर ले जाया गया। वहां उसकी हत्या कर शव को सुनसान इलाके में फेंक दिया गया।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरी वारदात पहले से योजनाबद्ध थी और इसका उद्देश्य इलाके में कथित अवैध कारोबार पर वर्चस्व कायम करना था।

ऑटो चालक की भूमिका की भी जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना में शंकर कुमार के ऑटो का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस यह पता लगा रही है कि शंकर इस साजिश में शामिल था या उसका वाहन बिना पूरी जानकारी के इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

किन्नर मोनी की तलाश तेज

पुलिस के अनुसार, पूरे मामले में किन्नर मोनी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुरुआती जांच में उसके और मुख्य आरोपी रविश कुमार के बीच करीबी संबंधों के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित साजिश में उसकी क्या भूमिका थी।

तीन फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट

अदालत ने फरार आरोपियों किन्नर मोनी, शंकर कुमार और सोनू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। वारंट मिलने के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी अभियान तेज कर दिया है। तकनीकी निगरानी के आधार पर इनके बिहार से बाहर होने की आशंका जताई गई है और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

अब तक चार गिरफ्तार, चार की तलाश जारी

मामले में अब तक रविश कुमार उर्फ बीसी, उसके भाई बजरंगी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। अवैध शराब कारोबार, कथित आपराधिक नेटवर्क और हत्या की साजिश से जुड़े हर पहलू की जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

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