
पटना: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही अपने 100 दिन पूरे करने जा रही है। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सरकार ने तेज़ी से काम शुरू करने और कई बड़े फैसले लेने का दावा किया था। अब 100 दिन पूरे होने पर सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने की तैयारी में है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं जरूर हुईं, लेकिन चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की दिशा में अपेक्षित प्रगति अभी दिखाई नहीं दी है।
नौकरी और रोजगार सबसे बड़ा सवाल
एनडीए ने चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। विपक्ष और राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि 100 दिनों में इस दिशा में कोई बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। टीआरई-4 शिक्षक भर्ती भी अभी लंबित है, जबकि सरकार ने कैबिनेट में हर वर्ष 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति और पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की बहाली का निर्णय लिया है।
राजनीतिक विशेषज्ञ रणधीर कुमार का कहना है,
“नौकरी और रोजगार एनडीए सरकार का सबसे बड़ा चुनावी वादा था। लेकिन 100 दिनों में कोई बड़ी वैकेंसी नहीं निकाली गई। शिक्षक भर्ती को लेकर भी ठोस कदम अभी बाकी हैं।”
महिलाओं की दूसरी किस्त पर बढ़ा विवाद
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को दूसरी किस्त छह महीने के भीतर देने का वादा किया गया था। विपक्ष का आरोप है कि आठ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राशि का भुगतान नहीं हुआ।
हालांकि, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पहली और दूसरी दोनों किस्तों का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है और जल्द ही भुगतान की तारीख घोषित की जाएगी।
सरकार की 100 दिनों की प्रमुख उपलब्धियां
सरकार का दावा है कि उसने विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें प्रमुख हैं—
- 12 सैटलाइट टाउनशिप विकसित करने का निर्णय।
- पटना से चार कॉरिडोर में रैपिड ट्रांजिट सिस्टम शुरू करने की योजना।
- 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू।
- भागलपुर से मुंगेर तक मरीन ड्राइव परियोजना।
- पांच नए निजी विश्वविद्यालय खोलने का फैसला।
- हेलो टूरिज्म और एयर टूरिज्म की शुरुआत की तैयारी।
- औद्योगिक निवेश के लिए सिंगल नोडल एजेंसी का गठन।
- राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल।
- पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई नई योजनाओं की घोषणा।
- निवेश आकर्षित करने के लिए नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
आरजेडी समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने 100 दिनों में जनता पर नए टैक्स का बोझ बढ़ाया, लेकिन चुनावी वादे पूरे नहीं किए।
आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा,
“सरकार ने रोजगार देने के बजाय लोगों पर नए टैक्स लगाए हैं। महिलाओं से किए गए वादे भी पूरे नहीं हुए और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।”
सरकार का दावा—सभी वादे होंगे पूरे
योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार अपने सभी चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है।
उन्होंने कहा,
“211 डिग्री कॉलेज शुरू हो चुके हैं। महिलाओं को इसी महीने सहायता राशि मिलेगी। रोजगार और नौकरी का लक्ष्य वर्ष 2030 से पहले पूरा किया जाएगा।”
वहीं उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार का खजाना खाली नहीं है और बरसात के कारण कुछ परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई है, लेकिन सभी योजनाओं पर तेजी से काम जारी है।
आगे की राह आसान नहीं
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रोजगार सृजन, चुनावी वादों को समय पर पूरा करना, राजस्व बढ़ाना और विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारना है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था, निवेश और महिलाओं से जुड़े वादों को लेकर भी सरकार की अग्निपरीक्षा जारी रहेगी। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि 100 दिनों की घोषणाएं कितनी तेजी से वास्तविकता में बदलती हैं।


