पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना को हाईकोर्ट से राहत, जनहित याचिका खारिज

पटना/भागलपुर: भागलपुर के पीरपैंती में प्रस्तावित थर्मल पावर परियोजना के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) को पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप स्पष्ट नहीं हैं और उन्हें समर्थन देने वाले ठोस साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के नीतिगत फैसलों में सामान्य परिस्थितियों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करता।

आरोपों को अदालत ने नहीं माना पर्याप्त

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना के लिए अडाणी पावर लिमिटेड को डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और रखरखाव (DBFOT) मॉडल के तहत 33 वर्षों की लीज पर जमीन उपलब्ध कराई है। साथ ही परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी सवाल उठाए गए थे।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप अस्पष्ट हैं और उनके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया गया। ऐसे में जनहित याचिका स्वीकार करने का आधार नहीं बनता।

बिजली टैरिफ विवाद का अलग मंच

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता एस.डी. संजय ने अदालत को बताया कि यदि बिजली टैरिफ को लेकर कोई विवाद है तो उसके समाधान के लिए बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) सक्षम मंच है। ऐसे मामलों का निपटारा जनहित याचिका के माध्यम से नहीं किया जा सकता।

अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि नियामकीय विषयों के लिए निर्धारित वैधानिक मंच उपलब्ध है और संबंधित पक्ष वहीं अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।

28 हजार करोड़ रुपये की है परियोजना

पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना लगभग 28 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है। परियोजना की प्रस्तावित क्षमता 2400 मेगावाट है और इसे बिहार की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि परियोजना से बिहार की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

हाईकोर्ट के फैसले से परियोजना का रास्ता साफ

हाईकोर्ट द्वारा जनहित याचिका खारिज किए जाने के बाद फिलहाल परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, यदि भविष्य में परियोजना से जुड़े किसी नियामकीय या कानूनी मुद्दे पर विवाद होता है, तो संबंधित पक्ष निर्धारित वैधानिक मंच पर अपनी बात रख सकते हैं।

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