
नई दिल्ली/पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार रविवार को विशेष चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे। उनके साथ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विधान परिषद सदस्य ललन सर्राफ भी मौजूद रहे।
दिल्ली पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में आवंटित अपने नए सरकारी आवास 9, सुनहरी बाग रोड में विधि-विधान से गृह प्रवेश किया।
संसद और सत्ता के केंद्र के बेहद करीब नया आवास
लुटियंस दिल्ली के प्रतिष्ठित इलाके में स्थित यह टाइप-8 श्रेणी का सरकारी बंगला देश के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी आवासों में गिना जाता है। यह संसद भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय के बेहद नजदीक स्थित है। इसी क्षेत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सरकारी आवास भी मौजूद हैं।
20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। उससे पहले नए सरकारी आवास में गृह प्रवेश को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद राज्यसभा पहुंचे नीतीश कुमार अब संसद की कार्यवाही में नियमित रूप से हिस्सा लेंगे।
टाइप-8 बंगले की खासियत
टाइप-8 श्रेणी के सरकारी आवास देश के सबसे उच्च स्तर के सरकारी बंगलों में शामिल होते हैं। आमतौर पर ये केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के न्यायाधीशों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को आवंटित किए जाते हैं।
इस तरह के बंगले में आमतौर पर—
- 5 से 6 बड़े बेडरूम
- विशाल ड्रॉइंग एवं डाइनिंग हॉल
- स्टडी रूम या लाइब्रेरी
- आधुनिक रसोई
- बड़े लॉन और उद्यान
- स्टाफ क्वार्टर
- गैराज
- सुरक्षा कर्मियों के लिए अलग गार्ड रूम
जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।
अनुमानित कीमत 70 से 100 करोड़ रुपये
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार लुटियंस दिल्ली में स्थित इस श्रेणी के बंगलों का अनुमानित बाजार मूल्य 70 से 100 करोड़ रुपये के बीच माना जाता है। निजी तौर पर किराये पर लेने पर इनका मासिक किराया भी लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।
दिल्ली बनेगा मुख्य ठिकाना
नीतीश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संसद सत्र के दौरान उनका मुख्य ठिकाना दिल्ली रहेगा, जबकि अन्य समय वह पटना में रहेंगे। हालांकि, दिल्ली में उनका एक निजी आवास भी पहले से मौजूद है।
राज्यसभा सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के साथ अब उनकी सक्रिय भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में और बढ़ने की संभावना मानी जा रही है।


