
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिहार के किशनगंज जिले में सुरक्षा एजेंसियों को लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), स्थानीय पुलिस और विशेष नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर मादक पदार्थों की तस्करी, विदेशी मुद्रा के अवैध कारोबार और प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि ब्राउन शुगर, भारतीय और नेपाली मुद्रा, पाकिस्तानी करेंसी, प्रतिबंधित दवाइयां तथा 52 पेटी प्रतिबंधित चाइनीज सेब बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय अवैध नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिसके चलते कई महत्वपूर्ण सफलताएं हाथ लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से मादक पदार्थ, विदेशी मुद्रा और प्रतिबंधित सामान की तस्करी रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि किशनगंज जिले के धनतोला पंचायत अंतर्गत खरवन टोला क्षेत्र में कुछ लोग बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना के आधार पर एसएसबी की 12वीं बटालियन, दिघलबैंक थाना पुलिस और विशेष नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार लोगों के पास से लगभग 175 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में भारतीय और नेपाली मुद्रा भी जब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपये से अधिक भारतीय नकदी और 2 लाख रुपये से अधिक नेपाली मुद्रा बरामद हुई है। इसके साथ ही 300 प्रतिबंधित नाइट्राजेपाम टैबलेट, दो डिजिटल वजन मशीन, 12 मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। जांच के दौरान 100 रुपये मूल्य की पाकिस्तानी करेंसी भी बरामद होने की पुष्टि की गई है।
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सीमा क्षेत्र में सक्रिय किसी संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि मादक पदार्थों और विदेशी मुद्रा की आपूर्ति कहां से की जा रही थी तथा इसका वितरण किन-किन क्षेत्रों में किया जाता था।
इसी अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने प्रतिबंधित चाइनीज सेब की तस्करी के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की। एसएसबी की 12वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा के निकट एक स्थान पर छापेमारी कर तस्करी के लिए छिपाकर रखी गई 52 पेटी प्रतिबंधित चाइनीज सेब बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि यह खेप भारतीय बाजारों में अवैध तरीके से पहुंचाई जाने वाली थी।
कार्रवाई के दौरान दो लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों आरोपी सीमावर्ती क्षेत्र के रहने वाले हैं और नेपाल के रास्ते प्रतिबंधित सेब भारत लाकर विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने के नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। बरामद सेब की खेप को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित कस्टम विभाग को सौंपने की तैयारी की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि प्रतिबंधित सेब पहले नेपाल के रास्ते सीमा तक लाए जाते थे। इसके बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में इन्हें अस्थायी रूप से छिपाकर रखा जाता था और अनुकूल अवसर मिलने पर स्थानीय तस्करों के माध्यम से अलग-अलग बाजारों में भेज दिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क की जांच अब विस्तार से की जा रही है।
सीमा सुरक्षा बल का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और खुफिया सूचनाओं के आधार पर संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
इसी क्रम में पानीटंकी स्थित न्यू मेची ब्रिज पर भी सुरक्षा बलों ने एक अलग कार्रवाई की। नियमित जांच के दौरान एक संदिग्ध वाहन से लगभग 9.74 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार इस राशि को बिना आवश्यक दस्तावेजों के नेपाल ले जाया जा रहा था। पूछताछ के बाद राशि को जब्त कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर विषय है। मादक पदार्थों, अवैध विदेशी मुद्रा और प्रतिबंधित सामान की तस्करी को रोकने के लिए विभिन्न एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। हाल के महीनों में सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ने के कारण कई बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
जांच अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जब्त मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और संपर्क सूत्रों की जानकारी मिल सके। आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से भी प्रशासन ने अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से सीमा पर अवैध गतिविधियों पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने जब्त किए गए सभी सामान को अपने कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


