
भागलपुर में प्रस्तावित विक्रमशिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने टाउनशिप के कोर क्षेत्र और विस्तारित आयोजना क्षेत्र में 30 जून 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, भूमि विकास और भवन निर्माण से जुड़े सभी कार्यों पर रोक लगा दी है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। सरकार का कहना है कि टाउनशिप का मास्टर प्लान अंतिम रूप से तैयार और अधिसूचित होने तक क्षेत्र में अनियोजित निर्माण और अव्यवस्थित विकास को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पहले हटाई गई थी रोक, अब दोबारा क्यों लगाया गया प्रतिबंध
इस फैसले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार पहले इस क्षेत्र से प्रतिबंध हटा चुकी थी। इसके बाद जमीन बाजार में हलचल तेज हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग जमीन खरीदने और बेचने की तैयारी में जुट गए थे।
हालांकि, अब सरकार ने एक बार फिर प्रतिबंध लागू कर दिया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण विक्रमशिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का प्रस्तावित मास्टर प्लान है। सरकार नहीं चाहती कि मास्टर प्लान लागू होने से पहले क्षेत्र में अनियोजित कॉलोनियां विकसित हों या ऐसे निर्माण कार्य हो जाएं, जिनसे भविष्य की शहरी योजना प्रभावित हो।
जमीन मालिकों और निवेशकों पर पड़ेगा सीधा असर
सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो इस क्षेत्र में जमीन खरीदने या बेचने की योजना बना रहे थे।
निवेश के उद्देश्य से जमीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को अब इंतजार करना होगा। वहीं, जमीन मालिक भी फिलहाल अपनी जमीन का हस्तांतरण या बिक्री नहीं कर सकेंगे।
इसके अलावा प्रतिबंधित क्षेत्र में नए भवन निर्माण, प्लॉटिंग और भूमि विकास से जुड़े किसी भी प्रकार के कार्यों की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह अस्थायी प्रतिबंध भविष्य में एक बेहतर और सुनियोजित शहर विकसित करने के लिए जरूरी है।
आधुनिक टाउनशिप बनाने की तैयारी तेज
बिहार सरकार विक्रमशिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को आधुनिक शहरी विकास मॉडल के रूप में विकसित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से परियोजना की तकनीकी योजना तैयार करने के लिए विशेषज्ञ संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईपीटी) विश्वविद्यालय के सीईपीटी एडवाइजरी फाउंडेशन को नामांकन के आधार पर तकनीकी सहायता इकाई के रूप में चुना है।
यह संस्था टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार करने, भूमि उपयोग की योजना बनाने, आधारभूत संरचना विकसित करने और परियोजना के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर राज्य सरकार को विशेषज्ञ सलाह देगी।
सीईपीटी की मदद से तैयार होगा आधुनिक शहर
शहरी नियोजन के क्षेत्र में सीईपीटी देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में शामिल है। सरकार को उम्मीद है कि विशेषज्ञ संस्था की मदद से विक्रमशिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को आधुनिक, व्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा।
मास्टर प्लान तैयार होने के बाद सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाएं, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का विकास वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इससे भविष्य में अवैध निर्माण और अनियोजित विस्तार की समस्या से भी बचा जा सकेगा।
फिलहाल, 30 जून 2027 तक संबंधित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, भूमि विकास और भवन निर्माण पर रोक लागू रहेगी।


