
पटना: बिहार में इस वर्ष प्रस्तावित पंचायत चुनाव अब तय समय पर नहीं होंगे। राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के नए सिरे से परिसीमन कराने का निर्णय लिया है, जिसके कारण पंचायत चुनाव अब अगले वर्ष जुलाई-अगस्त 2027 में कराए जाने की तैयारी है। इस फैसले के साथ पंचायत चुनाव करीब एक वर्ष के लिए टल गए हैं।
अगस्त से शुरू होगी परिसीमन प्रक्रिया
सरकार के अनुसार पंचायतों का परिसीमन अगस्त 2026 से शुरू होकर अप्रैल 2027 तक चलेगा। इस दौरान पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।
2011 की जनगणना के आधार पर होगा परिसीमन
नया परिसीमन 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। सरकार का कहना है कि कई पंचायतों में आबादी का स्वरूप बदल चुका है, इसलिए वर्तमान स्थिति के अनुसार पंचायतों की सीमाओं और प्रतिनिधित्व को संतुलित करना आवश्यक हो गया है।
36 वर्षों से नहीं हुआ था व्यापक परिसीमन
बताया जा रहा है कि बिहार में पिछले 36 वर्षों से पंचायतों का व्यापक परिसीमन नहीं हुआ था। ऐसे में आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अप्रैल 2027 तक चलेगी पूरी प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार परिसीमन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं अप्रैल 2027 तक पूरी होने की संभावना है। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा और जुलाई-अगस्त 2027 में पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं।
मौजूदा पंचायत प्रतिनिधि बने रहेंगे
चुनाव टलने की स्थिति में वर्तमान पंचायत प्रतिनिधि अपने कार्यकाल के बाद भी सीमित अवधि तक जिम्मेदारी निभा सकते हैं, ताकि पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित न हों। इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि नए परिसीमन से पंचायतों में आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व, प्रशासनिक संतुलन और सामाजिक समरसता को मजबूती मिलेगी। यही कारण है कि चुनाव से पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी माना गया है।


