
नई दिल्ली/पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें लालू यादव की जमानत रद्द करने और उनकी सजा पर लगी रोक हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी।
ED की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इनकार
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि लंबे समय से जमानत पर चल रहे मामले में इस स्तर पर दखल देना उचित नहीं होगा। अदालत ने कहा कि वह लालू यादव की जमानत में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि चारा घोटाला मामले में लंबित अपीलों पर जल्द सुनवाई कर फैसला सुनाया जाए।
क्या है पूरा चारा घोटाला मामला?
चारा घोटाला देश के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में शामिल है। आरोप है कि सरकारी खजाने से फर्जी बिल और दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी। इस मामले में लालू प्रसाद यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। वर्ष 2018 में अदालत ने लालू यादव को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
2021 से जमानत पर हैं लालू यादव
हाईकोर्ट में अपील लंबित रहने के कारण वर्ष 2021 में लालू यादव को जमानत मिली थी। अदालत ने तब कहा था कि अपील पर अंतिम फैसला आने तक उन्हें जमानत का लाभ दिया जाएगा।
ED ने क्यों उठाया था सवाल?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि दोषसिद्धि के बाद लालू यादव की जमानत पर पुनर्विचार होना चाहिए। एजेंसी ने जमानत रद्द करने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया और कहा कि इतने लंबे समय से जमानत पर रहने वाले व्यक्ति की जमानत रद्द करना उचित नहीं होगा।
हाईकोर्ट को छह महीने में फैसला करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि लालू यादव और अन्य आरोपियों की लंबित अपीलों पर अगले छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया जाए। इससे अब चारा घोटाला मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय आने की उम्मीद तेज हो गई है।
फिलहाल राहत, अंतिम फैसला बाकी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लालू प्रसाद यादव को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है। हालांकि, चारा घोटाला मामले में अंतिम फैसला अब झारखंड हाईकोर्ट में लंबित अपीलों की सुनवाई के बाद ही आएगा।


