
नालंदा/लखीसराय: चर्चित NEET री-एग्जाम सॉल्वर गैंग मामले में गिरफ्तार एमबीबीएस छात्र रंजीत कुमार ने सोमवार को अदालत के आदेश पर पुलिस अभिरक्षा में अपनी फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा दी। रंजीत फिलहाल लखीसराय मंडल कारा में बंद है और उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (VIMS), पावापुरी लाया गया।
कोर्ट से मिली थी परीक्षा देने की अनुमति
जानकारी के अनुसार, 2022 बैच के एमबीबीएस छात्र रंजीत कुमार ने जेल में रहते हुए परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पुलिस अभिरक्षा में परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की।
सोमवार को न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए पुलिस टीम उसे निर्धारित समय पर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
पुलिस निगरानी में दी परीक्षा
रंजीत कुमार को पुलिस की निगरानी में सीधे परीक्षा कक्ष तक ले जाया गया। उसने अन्य छात्रों के साथ निर्धारित समय पर परीक्षा दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद पुलिस उसे दोबारा अपनी अभिरक्षा में लेकर लखीसराय मंडल कारा वापस ले गई।
कॉलेज प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का किया पालन
बीम्स (VIMS) की प्राचार्य डॉ. सर्विल कुमारी ने बताया कि छात्र को केवल न्यायालय के आदेश के आधार पर परीक्षा में शामिल कराया गया।
“कॉलेज प्रशासन ने कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए पुलिस अभिरक्षा में परीक्षा संपन्न कराई। परीक्षा समाप्त होने के बाद पुलिस छात्र को वापस लखीसराय मंडल कारा लेकर चली गई।”
— डॉ. सर्विल कुमारी, प्राचार्य, VIMS पावापुरी
पुलिस सुरक्षा का खर्च भी आरोपी ही उठाएगा
प्राचार्य ने बताया कि न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जेल से परीक्षा केंद्र तक लाने-ले जाने और सुरक्षा में तैनात पुलिस बल पर आने वाला पूरा खर्च रंजीत कुमार स्वयं वहन करेगा।
NEET सॉल्वर गैंग मामले में गिरफ्तार है छात्र
रंजीत कुमार का नाम चर्चित NEET री-एग्जाम सॉल्वर गैंग मामले में सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि, अदालत ने शिक्षा के अधिकार को ध्यान में रखते हुए निर्धारित शर्तों के साथ उसे परीक्षा देने की अनुमति दी।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी रविशंकर अभी भी फरार है। उसकी तलाश आर्थिक अपराध इकाई (EOU) सहित अन्य एजेंसियां कर रही हैं। अब तक इस मामले में 30 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।


