
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज से राज्य के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में वे उन आवेदकों की शिकायतें सुनेंगे, जो जिला स्तर पर हुए निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं।
मुख्यमंत्री करेंगे ऑन-द-स्पॉट समाधान
सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री स्वयं लोगों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान का निर्देश देंगे। यह कार्यक्रम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘जनता दरबार’ की तर्ज पर शुरू किया गया है, हालांकि इसका नाम बदलकर ‘सहयोग शिविर’ रखा गया है।
इस कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।
हर महीने के दूसरे मंगलवार को लगेगा शिविर
सरकार के अनुसार, सहयोग शिविर हर महीने के दूसरे मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के कारण फिलहाल वहां के लोगों को छोड़कर राज्य के अन्य सभी जिलों के नागरिक इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुनना और उसका न्यायसंगत, प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि “सहयोग कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच प्रत्यक्ष संवाद, जनविश्वास और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”
1100 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा
सहयोग शिविर से जुड़ी जानकारी और शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकार ने निशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया है।
इसके अलावा नागरिक sahyog.bihar.gov.in पोर्टल पर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
ऐसे लें सहयोग शिविर में भाग
सहयोग शिविर में शामिल होने के लिए आवेदक को—
- सहयोग पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
- राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम का चयन करना होगा।
- अपना रिफरेंस नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP सत्यापित करना होगा।
- सत्यापन के बाद आवेदन का विवरण स्वतः स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- चयनित आवेदकों को कार्यक्रम की तिथि, समय और अन्य जानकारी SMS के माध्यम से भेजी जाएगी।
जनता दरबार की जगह अब सहयोग शिविर
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार हर सोमवार ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम आयोजित करते थे। वर्ष 2016 में लोक शिकायत निवारण कानून लागू होने के बाद यह कार्यक्रम बंद कर दिया गया था। बाद में इसे फिर शुरू किया गया और मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित होने लगा।
अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उसी व्यवस्था को नए स्वरूप में ‘सहयोग शिविर’ के रूप में शुरू किया है, जिसका उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है।



