बिहार में नगर निकायों के पुनर्गठन की तैयारी तेज, सरकार ने जिलों से 30 अगस्त तक मांगे प्रस्ताव

पटना: बिहार में नगर निकायों के पुनर्गठन की प्रक्रिया एक बार फिर गति पकड़ने लगी है। राज्य सरकार ने सभी जिलों से 30 अगस्त तक नगर निकायों के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्ताव मांगे हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर नगर निकायों के विलय, नए नगर निकायों के गठन, शहरों की सीमा विस्तार तथा नगर पंचायतों को नगर परिषद और नगर परिषदों को नगर निगम का दर्जा देने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर विचार किया जाएगा।

जनसंख्या और शहरीकरण को ध्यान में रखकर होगी कवायद

सरकार का मानना है कि राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी के विस्तार को देखते हुए कई नगर निकायों की वर्तमान प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से नगर विकास एवं आवास विभाग ने जिलों से विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया है।

प्रस्तावों में संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति, राजस्व क्षमता, बुनियादी सुविधाएं, प्रशासनिक जरूरतें और भविष्य की विकास संभावनाओं को आधार बनाया जाएगा।

किन-किन बिंदुओं पर होगा फैसला

सरकार को मिलने वाले प्रस्तावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण बदलाव संभव हैं। इनमें शामिल हैं—

  • दो या अधिक नगर निकायों का विलय।
  • शहरों की सीमा का विस्तार।
  • नए नगर निकायों का गठन।
  • नगर पंचायत को नगर परिषद का दर्जा।
  • नगर परिषद को नगर निगम में अपग्रेड करने पर विचार।

इन प्रस्तावों की समीक्षा के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

पहले भी शुरू हुई थी प्रक्रिया

नगर निकायों के पुनर्गठन की कवायद इससे पहले भी शुरू की गई थी। वर्ष 2025 में नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में जिलों से प्रस्ताव मांगे थे। हालांकि, जनगणना-2027 की प्रक्रिया को देखते हुए प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर रोक लगा दी गई थी।

अब सरकार ने फिर से इस दिशा में पहल शुरू कर दी है ताकि जनगणना के बाद बड़े स्तर पर नगर निकायों के पुनर्गठन की योजना को आगे बढ़ाया जा सके।

विकास योजनाओं को मिलेगी गति

विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निकायों का पुनर्गठन होने से तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों को बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था मिलेगी। नए क्षेत्रों को नगर निकाय का दर्जा मिलने से सड़क, जलापूर्ति, जलनिकासी, स्ट्रीट लाइट, सफाई, स्वास्थ्य और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी।

इसके अलावा बड़े शहरों के आसपास तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को भी योजनाबद्ध तरीके से शहरी विकास परियोजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

जिलों को समयसीमा का पालन करने का निर्देश

राज्य सरकार ने सभी जिलों को निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव तैयार कर 30 अगस्त तक भेजने को कहा है। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रस्तावों की समीक्षा होगी और पात्र क्षेत्रों के संबंध में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नगर निकायों के पुनर्गठन की यह पहल आने वाले वर्षों में बिहार के शहरी विकास की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जा रही है। इसके माध्यम से बदलती आबादी और बढ़ती शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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