
भागलपुर: बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े लाखों लाभार्थियों के लिए शुक्रवार का दिन राहत और खुशी लेकर आया। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘पेंशन उत्सव’ के अवसर पर भागलपुर जिले के 2 लाख 70 हजार 849 सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में 40 करोड़ 89 लाख 38 हजार 400 रुपये की बढ़ी हुई पेंशन राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई। इस राशि के हस्तांतरण के बाद जिले के वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र लाभार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में किया गया, जिसका सीधा प्रसारण सभी जिलों में किया गया। भागलपुर समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर समाहर्ता-सह-प्रभारी जिलाधिकारी राकेश रंजन, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने लाइव प्रसारण के माध्यम से राज्य स्तरीय आयोजन में हिस्सा लिया और बढ़ी हुई पेंशन राशि मिलने पर खुशी जाहिर की।
जिला प्रशासन के अनुसार जून 2026 की पेंशन राशि विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में सीधे भेजी गई है। सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब पेंशन राशि पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से भुगतान होने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनी है।
जिले में सबसे अधिक लाभार्थी मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के हैं। इस योजना के तहत 1,29,626 लाभार्थियों के खातों में 15 करोड़ 26 लाख 74 हजार 900 रुपये भेजे गए। वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 76,621 लाभार्थियों को 16 करोड़ 85 लाख 66 हजार 200 रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 12,569 लाभार्थियों को 2 करोड़ 76 लाख 51 हजार 800 रुपये प्रदान किए गए।
इसी प्रकार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग (निःशक्तता) पेंशन योजना के 1,861 लाभार्थियों को 40 लाख 94 हजार 200 रुपये, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 21,348 लाभार्थियों को 2 करोड़ 39 लाख 17 हजार 800 रुपये तथा बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के 28,824 लाभार्थियों के खातों में 3 करोड़ 20 लाख 33 हजार 500 रुपये की राशि भेजी गई। इन सभी योजनाओं को मिलाकर कुल 40 करोड़ 89 लाख 38 हजार 400 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लाभार्थियों ने बताया कि पहले मिलने वाली 400 रुपये प्रतिमाह की पेंशन से दैनिक जरूरतों को पूरा करना काफी कठिन था। दवाइयों, भोजन, कपड़ों और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब पेंशन राशि बढ़कर 1,100 रुपये प्रतिमाह होने से उन्हें काफी राहत मिलेगी। कई लाभार्थियों ने कहा कि बढ़ी हुई राशि से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करना पहले की तुलना में आसान होगा।
लाभार्थियों ने सरकार की इस पहल को समाज के कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना था कि वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए नियमित और बढ़ी हुई पेंशन सम्मानजनक जीवन जीने का आधार बनेगी। उन्होंने इस निर्णय को सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता-सह-प्रभारी जिलाधिकारी राकेश रंजन ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर पेंशन का लाभ मिले और किसी भी योग्य लाभार्थी को योजना से वंचित न रहना पड़े।
उन्होंने कहा कि पेंशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए जीवन प्रमाणीकरण अत्यंत आवश्यक है। इसके बिना भविष्य में पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि भागलपुर जिले में अब तक 2,75,892 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण कराया जा चुका है। जिन लोगों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे अपील की गई कि वे जल्द से जल्द अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण कराएं, ताकि भविष्य में पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिला प्रशासन का कहना है कि डीबीटी प्रणाली लागू होने के बाद पेंशन भुगतान पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हुआ है। अब राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और भुगतान प्रक्रिया तेज हुई है। इससे समय पर पेंशन मिलने के साथ-साथ लाभार्थियों का विश्वास भी बढ़ा है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के ऐसे लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है जो उम्र, दिव्यांगता या अन्य कारणों से स्वयं पर्याप्त आय अर्जित करने में सक्षम नहीं हैं। सरकार लगातार इन योजनाओं के दायरे को मजबूत करने और पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन राशि में वृद्धि का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। इससे लाभार्थियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और वे स्वास्थ्य, पोषण तथा अन्य आवश्यक जरूरतों पर अधिक खर्च कर सकेंगे। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलने वाली सहायता उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों ने कहा कि ‘पेंशन उत्सव’ केवल आर्थिक सहायता वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज के वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद लोगों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पेंशन राशि में की गई वृद्धि लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है और इससे समाज के कमजोर वर्गों को अधिक आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया कि आगे भी सभी पात्र लाभार्थियों तक समय पर पेंशन राशि पहुंचाने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।


