
पटना। बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित सिविल कोर्ट परिसर में शुक्रवार को पकड़ौआ विवाह से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कोर्ट मैरिज के लिए पहुंचे एक युवक ने शादी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया और आरोप लगाया कि उसकी इच्छा के विरुद्ध गांव के एक मंदिर में उसकी शादी बड़ी बहन से करा दी गई, जबकि वह छोटी बहन से विवाह करने के लिए तैयार था। युवक के आरोप के बाद कोर्ट परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। दूसरी ओर लड़की पक्ष ने युवक और उसके परिवार पर भारी दहेज मांगने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां पूरे विवाद की जांच शुरू कर दी गई है।
घटना बाढ़ सिविल कोर्ट परिसर की है, जहां दोनों पक्ष विवाह के पंजीकरण के लिए पहुंचे थे। कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जब युवक से आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया तो उसने मना कर दिया। इसके बाद उसने आरोप लगाया कि उसकी मर्जी के खिलाफ पहले ही मंदिर में शादी करा दी गई थी और अब उस विवाह को कानूनी रूप देने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है।
युवक ने दावा किया कि उसका परिचय करीब दो महीने पहले एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान लड़की के परिवार से हुआ था। इसी दौरान उसकी बातचीत परिवार की छोटी बेटी से शुरू हुई थी और वह उसी से विवाह करने के लिए तैयार था। उसका कहना है कि दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और परिवार को भी इस संबंध की जानकारी थी।
युवक के अनुसार कुछ दिन पहले वह बेगूसराय गया था। वहीं से उसे लड़की पक्ष की ओर से घर तक छोड़ने का आग्रह किया गया। वह उन्हें उनके घर छोड़ने पहुंचा, जहां परिवार के लोगों ने देर होने का हवाला देते हुए रात में वहीं रुकने के लिए कहा। युवक का आरोप है कि रात के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और दबाव बनाकर गांव के मंदिर में उसकी शादी बड़ी बहन से करा दी गई।
युवक का कहना है कि उसने इस विवाह के लिए कभी सहमति नहीं दी थी। उसका आरोप है कि पूरी घटना उसकी इच्छा के विरुद्ध हुई और अब उसी विवाह को वैध बनाने के लिए कोर्ट मैरिज कराने का प्रयास किया जा रहा था। उसने कहा कि जब उससे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया तो उसने स्पष्ट रूप से मना कर दिया।
दूसरी ओर लड़की पक्ष ने युवक के सभी आरोपों को गलत बताया है। परिवार का कहना है कि युवक विवाह के लिए पहले से तैयार था और शादी पूरी सहमति से हुई थी। उनका आरोप है कि विवाह के बाद युवक और उसके परिवार ने 20 लाख रुपये दहेज की मांग शुरू कर दी। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो अब शादी से इनकार किया जा रहा है।
लड़की पक्ष का कहना है कि युवती पटना के एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत है और वह पहले से वैवाहिक जीवन से अलग रह रही है। परिवार का दावा है कि दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही थी और विवाह किसी दबाव में नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि अब दहेज नहीं मिलने पर युवक अपना बयान बदल रहा है।
कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद वहां मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। काफी देर तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। स्थिति को बिगड़ता देख कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप किया और तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अपने साथ थाना ले गई। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विवाह की वैधता के लिए दोनों पक्षों की स्वतंत्र और स्पष्ट सहमति सबसे महत्वपूर्ण आधार होती है। यदि कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि उसके साथ जबरदस्ती विवाह कराया गया है, तो ऐसे मामलों में पुलिस और अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच करती है। वहीं यदि दहेज मांगने के आरोप लगाए जाते हैं तो उनकी भी अलग से जांच की जाती है।
पकड़ौआ विवाह बिहार में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। हालांकि समय के साथ ऐसे मामलों में कमी आई है, लेकिन बीच-बीच में इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध विवाह कराना अपराध की श्रेणी में आ सकता है और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय में दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति आवश्यक है। किसी भी प्रकार का दबाव, धमकी या जबरदस्ती भविष्य में गंभीर कानूनी और सामाजिक विवादों का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई ही उचित समाधान मानी जाती है।
फिलहाल बाढ़ थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की सत्यता की जांच करेगी। मंदिर में हुए कथित विवाह, कोर्ट मैरिज के दौरान हुए विवाद और दहेज मांगने के आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजर पुलिस जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई है।


