
पटना | पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय के 11 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सुधीर सिंह कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) का दायित्व संभालेंगे। इस संबंध में भारत सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

शताब्दी हॉल में आयोजित हुआ विदाई समारोह
शुक्रवार को पटना हाईकोर्ट के शताब्दी हॉल में जस्टिस मीनाक्षी मदन राय के सम्मान में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में हाईकोर्ट के न्यायाधीश, बड़ी संख्या में अधिवक्ता, एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा, अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार सहित न्यायिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।
शिक्षा और न्यायिक सफर
जस्टिस मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को हुआ था।
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा तथानगचेन स्कूल, गंगटोक से प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक तथा कैंपस लॉ सेंटर से वर्ष 1989 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।
वर्ष 1990 में दिल्ली बार में नामांकन के बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में प्रवेश किया और प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
सिक्किम हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट तक का सफर
15 अप्रैल 2015 को उन्हें सिक्किम हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
उन्होंने कई बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। बाद में 5 जून 2026 को उन्हें पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
वह पटना हाईकोर्ट की दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश रहीं।
छोटा कार्यकाल, लेकिन प्रभावशाली नेतृत्व
यद्यपि पटना हाईकोर्ट में उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन न्यायिक कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और न्यायिक सुधारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने न्यायपालिका में अपनी अलग पहचान छोड़ी।
अब उनके सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस सुधीर सिंह कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में हाईकोर्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे।


