पीएमसीएच दवा घोटाला मामला: ईडी ने दाखिल की पूरक चार्जशीट, कई आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

पटना: बिहार के चर्चित पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) दवा खरीद घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। यह मामला वर्ष 2008-09 और 2009-10 के दौरान दवाओं, रसायनों, मशीनों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद मामले में शामिल आरोपियों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

वर्षों पुराने मामले में जांच तेज

ईडी के अनुसार, पीएमसीएच में दवा और चिकित्सा उपकरणों की खरीद के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे। जांच एजेंसी लंबे समय से इस मामले की पड़ताल कर रही थी। अब उपलब्ध साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर विशेष पीएमएलए अदालत, पटना में पूरक चार्जशीट दाखिल की गई है।

कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई

जांच एजेंसी ने इस मामले में बालाजी एंटरप्राइजेज के संचालक ओम प्रकाश पांडेय समेत अन्य आरोपियों को पूरक आरोपपत्र में शामिल किया है। इससे पहले भी इस मामले में कई अधिकारियों, आपूर्तिकर्ताओं और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। ईडी अब धन के स्रोत, लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पूर्व अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

मामले में तत्कालीन पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. ओपी चौधरी सहित कई अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ पहले से मामला दर्ज है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खरीद प्रक्रिया के दौरान नियमों का किस प्रकार उल्लंघन किया गया और सरकारी धन का कथित दुरुपयोग कैसे हुआ।

मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी पड़ताल

ईडी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं से अर्जित धन का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया। पूरक चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए नए साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

अदालत में आगे बढ़ेगी सुनवाई

विशेष पीएमएलए अदालत अब पूरक आरोपपत्र पर सुनवाई करेगी। अदालत द्वारा आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि जांच में और नए तथ्य सामने आते हैं तो ईडी आगे भी अतिरिक्त कार्रवाई कर सकती है।

पीएमसीएच दवा खरीद घोटाला बिहार के चर्चित मामलों में से एक रहा है। इस मामले में ईडी की ताजा कार्रवाई को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे वर्षों पुराने मामले में कानूनी प्रक्रिया को और गति मिलने की उम्मीद है।

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