
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में मिठनपुरा थाना पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े एक ऐसे पारिवारिक गिरोह का खुलासा किया है, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां—दादा, पिता और पोता—संगठित तरीके से स्मैक की खरीद, पैकेजिंग और सप्लाई का कारोबार चला रही थीं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 19 वर्षीय राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका दादा शिवशंकर शर्मा और पिता ओमप्रकाश शर्मा मौके से फरार हो गए।
1000 पुड़िया स्मैक और इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद
कालीबाड़ी रोड स्थित एक झोपड़ी में पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 1000 पुड़िया स्मैक (करीब 367.5 ग्राम), एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और एक स्मार्टफोन बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक राहुल की तलाशी लेने पर उसकी पैंट की दोनों जेबों से 100 पुड़िया स्मैक मिली। इसके बाद झोपड़ी की तलाशी में बिस्तर के नीचे छिपाकर रखी गई 900 पुड़िया स्मैक बरामद हुई।
झोपड़ी बनी थी पैकिंग सेंटर
पूछताछ में राहुल कुमार ने खुलासा किया कि उसका परिवार बड़ी मात्रा में स्मैक खरीदकर उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक करता था। कालीबाड़ी रोड स्थित झोपड़ी को ही गोदाम और पैकिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
तीनों की थी अलग-अलग जिम्मेदारी
पुलिस जांच में सामने आया कि पूरे नेटवर्क में तीनों की भूमिकाएं पहले से तय थीं।
- दादा शिवशंकर शर्मा – स्मैक की खरीद और नेटवर्क संचालन
- पिता ओमप्रकाश शर्मा – पैकेजिंग और स्टॉक की देखरेख
- राहुल कुमार – तैयार पुड़ियों की शहर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के समय राहुल ग्राहकों तक स्मैक पहुंचाने के लिए निकला था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
मामले में मिठनपुरा थाना में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने बताया कि फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
“फरार शिवशंकर शर्मा और ओमप्रकाश शर्मा की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार राहुल कुमार के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।” — मोहीबुल्ला अंसारी, सिटी एसपी
पूरे नेटवर्क की होगी जांच
पुलिस के अनुसार यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में सक्रिय थीं। अब पुलिस पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


