रोहतास में पुलिस वाहन से कच्चे मकान की दीवार गिरी, ग्रामीणों ने लगाए नशे में वाहन चलाने के आरोप

सासाराम/रोहतास: बिहार के रोहतास जिले में अपहरण की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम उस समय विवादों में घिर गई, जब लौटते समय सरकारी वाहन की टक्कर से एक कच्चे मकान की दीवार ढह गई। घटना में दो लोग घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर नशे की हालत में वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

अपहरण की सूचना निकली गलत

जानकारी के अनुसार, डायल-112 कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि डेहरी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ओझा बीघा गांव में एक युवक का अपहरण कर उसे बंधक बनाकर रखा गया है।

सूचना पर डेहरी नगर और डालमियानगर थाना समेत कई पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में पता चला कि मामला अपहरण का नहीं, बल्कि शादी समारोह में वीडियोग्राफी के भुगतान को लेकर हुए विवाद का था। पुलिस ने युवक को वहां से मुक्त कराया और मामले में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

लौटते समय हुआ हादसा

कार्रवाई के बाद जब पुलिस टीम वापस लौट रही थी, उसी दौरान सरकारी वाहन को पीछे करने के क्रम में चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और वाहन पास के एक कच्चे मकान की दीवार से टकरा गया।

टक्कर इतनी तेज थी कि दीवार ढह गई। मलबे की चपेट में आने से घर के अंदर सो रहे एक बुजुर्ग घायल हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आईं।

ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वाहन चला रहा चालक और साथ मौजूद पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। उनका कहना था कि विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकाया।

स्थानीय निवासी अमृत राज ओझा ने कहा—

“पुलिस छापेमारी के लिए आई थी। लौटते समय वाहन बैक करते हुए हमारे घर की दीवार तोड़ दी। मेरे पिता घायल हो गए। हमें लगा कि चालक समेत कुछ पुलिसकर्मी नशे में थे। विरोध करने पर धमकाया गया।”

सभी पुलिसकर्मियों का कराया गया मेडिकल

ग्रामीणों के आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मौके पर मौजूद आठ से अधिक पुलिसकर्मियों को मेडिकल जांच के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल में सभी के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित रखे गए।

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार ने बताया—

“प्रथम दृष्टया किसी भी पुलिसकर्मी के नशे में होने के संकेत नहीं मिले हैं। फिर भी नियमानुसार ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।”

एसपी ने क्या कहा?

रोहतास के पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था और पूरी पारदर्शिता के साथ सभी पुलिसकर्मियों की मेडिकल जांच कराई गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों के मौके से भाग जाने की बात निराधार और भ्रामक है।

“आम लोगों के मन में किसी प्रकार की शंका न रहे, इसलिए सभी संबंधित पुलिसकर्मियों की मेडिकल जांच कराई गई है। घटना के बाद पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे।”

मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस का कहना है कि यदि पीड़ित परिवार की ओर से आवेदन दिया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले में मेडिकल रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अपहरण की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई अब सड़क दुर्घटना और पुलिस पर लगे आरोपों के कारण नए मोड़ पर पहुंच गई है।

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