
पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी द्वारा अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब जन सुराज पार्टी ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अपने प्रत्याशी प्रशांत किशोर का फॉर्म C-7 सार्वजनिक किया है। पार्टी ने इस दस्तावेज़ को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया है।
C-7 फॉर्म में क्या है?
जारी दस्तावेज़ के अनुसार, प्रशांत किशोर के खिलाफ कुल 8 आपराधिक मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। इनमें गांधी मैदान, सचिवालय, पीरबहोर, सहरसा सदर सहित अन्य थानों में दर्ज मामले और कुछ आपराधिक शिकायतें शामिल हैं।
इन मामलों की सुनवाई पटना, सहरसा, बेतिया और पश्चिम मुजफ्फरपुर की विभिन्न अदालतों में चल रही है।
किसी मामले में आरोप तय नहीं
फॉर्म C-7 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि किसी भी मामले में अभी तक आरोप तय (Charges Framed) नहीं हुए हैं।
इसके अलावा:
- किसी भी मामले में दोष सिद्ध (Conviction) नहीं हुआ है।
- किसी भी मामले में सजा (Punishment) नहीं हुई है।
- संबंधित कॉलम में “NIL” दर्ज किया गया है।
यानी उपलब्ध दस्तावेज़ के अनुसार, प्रशांत किशोर को अब तक किसी भी मामले में दोषी घोषित नहीं किया गया है।
C-7 फॉर्म क्या होता है?
फॉर्म C-7 चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित एक अनिवार्य दस्तावेज़ है, जिसके माध्यम से राजनीतिक दल अपने ऐसे उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी सार्वजनिक करते हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हों। इसका उद्देश्य मतदाताओं को उम्मीदवारों के बारे में पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है।
जन सुराज ने उम्मीदवार बनाने की वजह बताई
फॉर्म में जन सुराज पार्टी ने कहा है कि प्रशांत किशोर को उनके:
- नेतृत्व क्षमता,
- संगठनात्मक अनुभव,
- बिहार पदयात्रा के दौरान बने व्यापक जनसंपर्क,
- और स्थानीय जनता की मांग
को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार बनाया गया है।
पार्टी का दावा है कि बांकीपुर क्षेत्र के लोगों की इच्छा थी कि उपचुनाव में प्रशांत किशोर ही जन सुराज का चेहरा बनें।


