
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय स्थित रिफाइनरी में एक मजदूर की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारी मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प के बाद रिफाइनरी के मुख्य गेट पर तोड़फोड़ हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई मजदूरों के घायल होने की सूचना है। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मुआवजे की मांग को लेकर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, 29 जून को शार्प टैंक प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत मजदूर श्याम सुंदर पाठक कार्य के दौरान लोहे की पाइप की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और साथी मजदूरों ने कंपनी से उचित मुआवजे की मांग की।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने मृतक के परिजनों को 17 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया। इसी मांग को लेकर परिजन और मजदूर धरना एवं भूख हड़ताल पर बैठे थे।
प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप
मजदूरों का कहना है कि लगातार दूसरे दिन भी कोई समाधान नहीं निकलने पर उनका आक्रोश बढ़ गया। इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और रिफाइनरी गेट पर तोड़फोड़ की गई। कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया तथा सीसीटीवी कैमरे, एलईडी और अन्य उपकरण भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, घटना में लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
पुलिस की कार्रवाई
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई है, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। घटना के बाद रिफाइनरी परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल की वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच अधिकारी: “मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल की वीडियोग्राफी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल स्थिति पुलिस के नियंत्रण में बताई जा रही है। वहीं, मजदूरों का कहना है कि यदि समय पर मुआवजे का भुगतान कर दिया गया होता, तो विवाद इतना नहीं बढ़ता। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मृतक के परिजनों को मुआवजा कब मिलता है और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।


