मालदा इको पार्क में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, पूर्व रेलवे ने चलाया विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम

पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मालदा इको पार्क में विशेष वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया, बल्कि रेलवे कर्मचारियों, यात्रियों और आम नागरिकों को प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी किया। यह अभियान 4 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया और पूरे कार्यक्रम के दौरान हरियाली, सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया।

आज के समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में वृक्षारोपण केवल एक प्रतीकात्मक गतिविधि नहीं बल्कि भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जाता है। मालदा मंडल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इसी सोच को मजबूत करता है कि यदि समाज के विभिन्न वर्ग मिलकर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

पूर्व रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान भावनात्मक जुड़ाव के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की एक अनूठी पहल है। इस अभियान का संदेश है कि जैसे मां जीवन देती है और पोषण करती है, उसी तरह पेड़ भी जीवनदायी भूमिका निभाते हैं। पेड़ हमें ऑक्सीजन, स्वच्छ हवा, छाया और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। इसलिए हर व्यक्ति यदि अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा सामाजिक आंदोलन बन सकता है।

वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ने किया। उनके साथ पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ERWWO) मालदा की अध्यक्षा भी मौजूद रहीं। दोनों ने पौधारोपण कर अभियान की औपचारिक शुरुआत की और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में मालदा मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अपर मंडल रेल प्रबंधक , मंडल रेलवे अस्पताल मालदा की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित अनेक अधिकारियों, कर्मचारियों और महिला कल्याण संगठन के सदस्यों ने पौधे लगाए। सभी प्रतिभागियों ने इस अवसर पर हरित भविष्य निर्माण का संकल्प लिया।

यह कार्यक्रम मालदा मंडल के पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित किया गया। अभियान को सफल बनाने में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (EnHM) के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की योजना तैयार की गई और इसे व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।

में आयोजित इस अभियान के दौरान विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए। इन पौधों का चयन स्थानीय जलवायु, मिट्टी और पर्यावरणीय जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया ताकि उनकी बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधारोपण से दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ अधिक मिलता है।

मालदा इको पार्क में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, पूर्व रेलवे ने चलाया विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, बेहतर जलवायु और सुरक्षित पर्यावरण की नींव रखता है। उनका कहना था कि वृक्षारोपण का असली उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं बल्कि उन्हें संरक्षित करना और उनकी देखभाल सुनिश्चित करना भी है।

उन्होंने रेलवे कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे वृक्षारोपण अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाएं। प्लास्टिक का कम उपयोग, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और हरित जीवनशैली जैसे छोटे कदम भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार रेलवे जैसी बड़ी संस्थाओं की पर्यावरणीय पहल का प्रभाव व्यापक होता है। रेलवे परिसरों, स्टेशनों और कॉलोनियों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण न केवल हरियाली बढ़ाता है बल्कि वायु गुणवत्ता सुधारने, तापमान नियंत्रित रखने और कार्बन उत्सर्जन के प्रभाव को कम करने में भी मदद करता है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे लगातार हरित पहल को बढ़ावा दे रहा है।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर लोगों को जोड़ने की क्षमता रखता है। जब किसी पहल में व्यक्तिगत जुड़ाव शामिल होता है, तो उसका प्रभाव और सहभागिता दोनों बढ़ जाते हैं। इस अभियान ने भी यही संदेश दिया कि प्रकृति और परिवार दोनों के प्रति जिम्मेदारी एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।

मालदा मंडल का यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरणीय सततता की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है। सामूहिक सहभागिता, संस्थागत नेतृत्व और जागरूकता के संयोजन से यह अभियान एक मजबूत संदेश देने में सफल रहा कि हरित भविष्य केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से बनता है।

आने वाले समय में ऐसे अभियान पर्यावरण संरक्षण के जनआंदोलन को और गति दे सकते हैं। यदि अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण से जुड़ते हैं, तो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से मुकाबला करना अधिक संभव होगा। मालदा इको पार्क में आयोजित यह पहल इस दिशा में एक प्रेरक कदम के रूप में देखी जा रही है।

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