पूर्व रेलवे का बड़ा अभियान शुरू, स्टेशन पर गंदगी फैलाने और थूकने वालों पर लगेगा तुरंत जुर्माना

रेलवे स्टेशनों की स्वच्छता को लेकर पूर्व रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों के लिए साफ-सुथरा, सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे ने अपने विशेष स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण “Eastern Railway Is Watching You” का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। हावड़ा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान इस अभियान की शुरुआत की गई, जिसमें स्टेशन परिसरों में गंदगी फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति अपनाने की घोषणा की गई। इस पहल के तहत अब रेलवे परिसर में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व रेलवे की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि स्टेशन और ट्रेनें केवल परिवहन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि हर दिन लाखों लोगों के उपयोग में आने वाले सार्वजनिक स्थल हैं। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखना रेलवे और यात्रियों दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

यह स्वच्छता अभियान पहली बार अप्रैल 2026 में शुरू किया गया था। अब इसका दूसरा चरण पहले से अधिक सख्ती और निगरानी व्यवस्था के साथ लागू किया गया है। इस चरण का मुख्य संदेश स्पष्ट है—रेलवे परिसर की निगरानी लगातार की जा रही है और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना है।

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान में आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। रेलवे ने स्टेशन परिसरों में लगे क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन यानी CCTV कैमरों के व्यापक नेटवर्क को इस अभियान का मुख्य हिस्सा बनाया है। इन कैमरों के माध्यम से स्टेशन परिसर की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा रेलवे कर्मचारियों को भी सक्रिय रूप से निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति स्टेशन परिसर में कूड़ा फेंकते, प्लास्टिक फैलाते या थूकते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने की आदत न केवल सौंदर्य बिगाड़ती है बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए भी गंभीर खतरा बनती है। खासकर थूकने की आदत कई संक्रामक बीमारियों के प्रसार का कारण बन सकती है।

इस अभियान की सबसे खास बात इसमें यात्रियों की भागीदारी को शामिल करना है। पूर्व रेलवे ने जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए एक नई डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था शुरू की है। अब कोई भी रेल यात्री यदि किसी व्यक्ति को गंदगी फैलाते या थूकते हुए देखता है, तो वह उसकी तस्वीर लेकर स्थान की जानकारी सहित व्हाट्सऐप नंबर 9002022780 पर भेज सकता है। इसके आधार पर रेलवे संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा।

रेलवे ने इस पहल को और आकर्षक बनाने के लिए जागरूक नागरिकों को सम्मानित करने की योजना भी बनाई है। जो यात्री स्वच्छता अभियान में सक्रिय योगदान देंगे, उन्हें “Captain Clean” की उपाधि दी जाएगी और पूर्व रेलवे की ओर से प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे यात्रियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी और स्वच्छता अभियान एक सामुदायिक आंदोलन का रूप ले सकेगा।

अभियान के शुभारंभ समारोह की शुरुआत प्रभावशाली सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुई। से जुड़े सदस्यों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। इस प्रस्तुति ने यात्रियों और उपस्थित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और स्वच्छता के महत्व को सरल लेकिन प्रभावी तरीके से सामने रखा।

कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने परिसर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यात्रियों से सीधे बातचीत कर अभियान की जानकारी साझा की और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह संदेश दिया कि स्वच्छ स्टेशन केवल रेलवे प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें हर यात्री की भूमिका अहम है।

समारोह में हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक , मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण के तहत आयोजित “30 मिनट चैलेंज” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

इस प्रतियोगिता में ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि उपविजेता रहा। विजेता मंडलों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आंतरिक प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम विभिन्न मंडलों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं और स्वच्छता प्रयासों को मजबूत बनाते हैं।

अपने संबोधन में महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने कहा कि पूर्व रेलवे यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम से जवाबदेही बढ़ेगी और सभी मंडलों में स्वच्छता को प्राथमिकता मिलेगी। उनका जोर इस बात पर रहा कि स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि दैनिक आदत बन जाए।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि यह पहल केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्वच्छता को जनआंदोलन में बदलना है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

पूर्व रेलवे का यह नया अभियान साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में रेलवे परिसरों में गंदगी फैलाने वालों के लिए कोई राहत नहीं होगी। तकनीक, निगरानी और जनभागीदारी के सहारे रेलवे अब स्वच्छता को नई दिशा देने की तैयारी में है। यदि यह अभियान व्यापक स्तर पर सफल होता है, तो यह देशभर के अन्य रेलवे जोनों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।

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