
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सोशल मीडिया पर एक अज्ञात युवक द्वारा खुलेआम जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पिस्टल जैसी वस्तु लहराते हुए धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पिस्टल लहराते हुए दी धमकी
वायरल वीडियो में एक युवक हाथ में पिस्टल जैसी चमकदार वस्तु लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। करीब 20 से 30 सेकंड के इस वीडियो में युवक का चेहरा स्पष्ट नजर आ रहा है। वीडियो इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किए जाने के बाद तेजी से वायरल हो गया।
साइबर थाना में FIR दर्ज
वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सुरक्षा शाखा और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पटना साइबर क्राइम थाना में मामला दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय कानून के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया कंपनियों से मांगी जानकारी
पुलिस ने इंस्टाग्राम और एक्स से आरोपी के अकाउंट की पूरी जानकारी मांगी है। इसमें यूजरनेम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आईपी एड्रेस, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी विवरण शामिल हैं। दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आधिकारिक पत्र भेजकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित
पटना पुलिस ने आरोपी की पहचान के लिए विशेष साइबर टीम का गठन किया है। वीडियो में दिख रहे चेहरे, आवाज, कपड़ों और बैकग्राउंड के आधार पर फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था हुई और कड़ी
घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने कहा है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और किसी भी प्रकार की धमकी को गंभीरता से लिया जाएगा।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के धमकी भरे वीडियो या पोस्ट को सोशल मीडिया पर आगे शेयर न करें। यदि किसी को ऐसी कोई सामग्री दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


