भागलपुर में स्वच्छता अभियान के तहत झुग्गी बस्ती में चला सफाई अभियान, परिवारों के बीच बांटी गई स्वच्छता किट

स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक बनाने की दिशा में भागलपुर में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जहां राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) के उप क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दूसरे दिन गुरुवार 2 जुलाई 2026 को स्थानीय भागलपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 9 अंतर्गत स्थित भूतनाथ मंदिर परिसर के समीप झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में व्यापक स्तर पर सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान न केवल क्षेत्र की साफ-सफाई की गई, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच स्वच्छता के महत्व को लेकर जागरूकता संदेश भी फैलाया गया।

यह अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक चलने वाले स्वच्छता कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना और लोगों को साफ-सुथरे वातावरण के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के कर्मियों ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर बस्ती की गलियों, रास्तों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की। कई स्थानों पर जमा कचरा हटाया गया, जलजमाव वाले हिस्सों को साफ किया गया और आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया।

भूतनाथ मंदिर परिसर के आसपास स्थित झुग्गी बस्ती में लंबे समय से सफाई व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बनी रहती है। तंग गलियां, सीमित संसाधन और अधिक जनसंख्या के कारण नियमित सफाई में कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। ऐसे में इस तरह के अभियान का आयोजन स्थानीय निवासियों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। अभियान के दौरान सफाई कार्य में विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान दिया गया जहां गंदगी के कारण संक्रमण और बीमारियों के फैलने की आशंका अधिक थी।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी उत्साहजनक रही। झुग्गी बस्ती में रहने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर सफाई कार्य में सहयोग किया और आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प भी लिया। बच्चों में भी स्वच्छता के प्रति उत्साह देखा गया। कई बच्चों ने सफाई के दौरान कचरा उठाने और उचित स्थान पर डालने में सहयोग दिया।

अभियान के दौरान कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों ने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। यदि हर नागरिक अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने का संकल्प ले, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। लोगों को बताया गया कि नियमित सफाई से न केवल वातावरण स्वच्छ रहता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी बचाव संभव है।

जागरूकता कार्यक्रम के तहत लोगों को हाथ धोने की आदत, कचरे के उचित निस्तारण, प्लास्टिक के कम उपयोग और साफ पेयजल के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेष रूप से महिलाओं को घरेलू स्वच्छता, बच्चों की साफ-सफाई और रोगों की रोकथाम से जुड़ी उपयोगी बातें बताई गईं। अधिकारियों ने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

सफाई अभियान के बाद राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से स्थानीय परिवारों के बीच स्वच्छता किट का वितरण भी किया गया। इन किटों में दैनिक उपयोग से जुड़े आवश्यक स्वच्छता सामग्री शामिल थीं, जिनका उद्देश्य परिवारों को व्यक्तिगत और घरेलू साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना था। स्वच्छता किट पाकर स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की और इस पहल की सराहना की।

कई स्थानीय निवासियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम केवल सफाई तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों में व्यवहारिक बदलाव लाने में भी मदद करते हैं। उनका मानना है कि जब प्रशासनिक संस्थान सीधे समुदाय के बीच पहुंचकर काम करते हैं, तो लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ती है और वे जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से समझते हैं।

अभियान से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में भी स्वच्छता कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा। इसके तहत अलग-अलग बस्तियों, सार्वजनिक स्थलों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाएगा। साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति लगातार जागरूक किया जाएगा ताकि यह पहल केवल एक आयोजन बनकर न रह जाए, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बने।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया, डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सामुदायिक स्तर पर चलाए जाने वाले अभियान बेहद प्रभावी साबित होते हैं। जब लोग स्वयं सफाई में भाग लेते हैं, तो उनमें जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।

भागलपुर में आयोजित यह अभियान सामाजिक भागीदारी और प्रशासनिक सहयोग का अच्छा उदाहरण बनकर सामने आया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगा। स्थानीय नागरिकों की सहभागिता ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।

आने वाले दिनों में यदि इसी तरह जागरूकता और सामुदायिक सहयोग बना रहा, तो शहर के कई ऐसे क्षेत्र जो सफाई संबंधी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, वहां सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि स्वस्थ और बेहतर जीवन की बुनियाद है, और भागलपुर का यह प्रयास इसी दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।

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