
पटना: बिहार की राजनीति का केंद्र एक बार फिर बांकीपुर विधानसभा सीट बनने जा रही है। चुनाव आयोग ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और अब सभी की निगाहें इस प्रतिष्ठित सीट पर टिक गई हैं।
चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग के अनुसार उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी। इसी दिन से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 13 जुलाई तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 16 जुलाई तक नाम वापस लेने का समय रहेगा। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा।
क्यों खाली हुई सीट?
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। 2025 विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी। बाद में भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने विधानसभा सदस्यता छोड़ दी और उन्हें राज्यसभा भेजा गया।
भाजपा ने नहीं खोले पत्ते
अब तक भाजपा ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। हालांकि पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि पार्टी इस सीट पर मजबूत और चर्चित चेहरा उतार सकती है।
क्या मैदान में उतरेंगे प्रशांत किशोर?
उधर जन सुराज ने बांकीपुर उपचुनाव लड़ने की घोषणा पहले ही कर दी है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। उन्होंने भी संकेत दिए हैं कि यदि पार्टी चाहेगी तो वे पीछे नहीं हटेंगे। अगर ऐसा होता है तो यह उपचुनाव राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाई बन सकता है।
तेज प्रताप यादव की पार्टी भी तैयार
जनशक्ति जनता दल ने भी उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी में हाल ही में शामिल हुईं समाजसेवी वीणा मानवी को संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। यदि उन्हें टिकट मिलता है तो मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
सभी की नजर बांकीपुर पर
बांकीपुर उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाली लड़ाई माना जा रहा है। भाजपा, जन सुराज और अन्य दलों की रणनीति के बीच यह सीट आने वाले दिनों में राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक रणभूमि बनने जा रही है।


