
गया: बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के रानीगंज गडेरिया गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है। झारखंड के कोयला कारोबारी धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह पिछले 14 दिनों से 4 करोड़ 61 लाख रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए कथित बकाएदार के घर के बाहर खाट डालकर बैठे हैं। अब उन्होंने घर से सटे मंदिर के बाहर भी अपना डेरा जमा लिया है और साफ कहा है कि “रुपये लेकर ही यहां से वापस जाऊंगा।”
2020 से 2024 तक के कारोबार का बकाया
धर्मेंद्र सिंह का आरोप है कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच उनका संतोष कुमार अग्रवाल के साथ कोयले का कारोबार था। इस दौरान 4.61 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी रह गया। कई बार मांग करने के बावजूद रकम नहीं मिली।
कारोबारी का दावा है कि भुगतान को लेकर शेरघाटी कोर्ट में स्टांप पेपर पर इकरारनामा भी हुआ और बाद में गांव के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में समझौता भी कराया गया, लेकिन इसके बावजूद पैसे नहीं लौटाए गए।
‘मेरे पैसों से बना आलीशान घर’
धर्मेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी रकम से संतोष अग्रवाल ने स्विमिंग पूल वाला आलीशान मकान बनाया, कई जगह जमीन खरीदी और महंगी गाड़ियां खरीदीं। वहीं दूसरी ओर उनका पैसा फंसने से उन्हें हार्ट अटैक तक आ गया और बैंक का करीब डेढ़ करोड़ रुपये का कर्ज भी उन पर है।
इसी वजह से उन्होंने बाजार से खाट खरीदकर बकाएदार के घर के बाहर बैठने का फैसला किया।
दिन में मंदिर में पूजा, रात में घर के बाहर तगादा
कारोबारी दिन के समय मंदिर परिसर में पूजा-पाठ करते हैं और शाम को मंदिर बंद होने के बाद खाट लेकर बकाएदार के घर के बाहर बैठ जाते हैं। उनका कहना है कि यह कोई धरना नहीं बल्कि अपने पैसे की वसूली का शांतिपूर्ण तगादा है।
बकाएदार की पत्नी पहुंचीं आईजी कार्यालय
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब संतोष कुमार अग्रवाल की पत्नी सरिता अग्रवाल मगध आईजी कार्यालय पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई।
उन्होंने कहा कि उनके पति का कोयला भट्ठा घाटे में चला गया, जिससे बाजार में पैसा फंस गया। इसके बावजूद हर महीने तीन-तीन लाख रुपये का भुगतान किया गया। उनका दावा है कि वास्तविक बकाया करीब 3 करोड़ रुपये है और समय मिलने पर पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।
उन्होंने परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया।
एसएसपी ने दिए जांच के निर्देश
गया के एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद इमामगंज एसडीपीओ को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बिना अनुमति किसी प्रकार का धरना देना उचित नहीं है। यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो मामले की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे विवाद पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है।


