
दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के होरलपट्टी गांव स्थित ऐतिहासिक जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर सोमवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय मंदिर में करीब 25 से 30 श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी श्रद्धालु को कोई चोट नहीं आई। इस घटना को कई श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा और चमत्कार मान रहे हैं।
बिजली गिरने से गुंबद और त्रिशूल को नुकसान
लगातार हो रही बारिश और तेज मेघगर्जन के बीच सुबह आकाशीय बिजली मंदिर के गुंबद पर गिरी। इससे मंदिर के ऊपरी हिस्से और त्रिशूल को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन सभी श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकल आए।
पट बंद करने के दौरान हुआ हादसा
मंदिर के पुजारी शिंवशंकर गिरी ने बताया कि सुबह भगवान को भोग लगाने के बाद मंदिर का पट बंद किया जा रहा था। उसी समय तेज बारिश शुरू हुई और अचानक आकाशीय बिजली गिर गई।
उन्होंने बताया कि मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा है और इससे पहले भी एक बार मंदिर पर वज्रपात हो चुका है।
श्रद्धालुओं ने बताया चमत्कार

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय बिजली गिरी, उस वक्त मंदिर में कई श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन किसी को खरोंच तक नहीं आई। इसे लोग भगवान भोलेनाथ की कृपा मान रहे हैं।
प्रशासन से मरम्मत की मांग
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मंदिर के क्षतिग्रस्त गुंबद की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसके संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
150 साल पुराना है ऐतिहासिक मंदिर
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का निर्माण करीब 150 वर्ष पहले दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की पत्नी महारानी लक्ष्मेश्वरी ने कराया था। यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
स्थानीय निवासी रौशन कुमार कुंवर ने कहा कि वज्रपात से मंदिर को नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन बाबा ने बड़ी विपदा अपने ऊपर ले ली और सभी श्रद्धालुओं की जान बच गई। उन्होंने प्रशासन से जल्द मरम्मत कराने की अपील की।


