
भोजपुर/आरा: भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने सोमवार को बिलौटी गांव पहुंचकर मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी, न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया और आर्थिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये की मदद भी प्रदान की।
खेसारी लाल यादव ने भरत तिवारी की मां से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि अब इस घटना को सिर्फ गांव तक सीमित नहीं रहने देना चाहिए, बल्कि न्याय की मांग को व्यापक स्तर तक पहुंचाना होगा।
“अब गांव से शहर तक ले जाइए आंदोलन”
परिजनों से बातचीत के दौरान खेसारी लाल यादव ने कहा कि भरत तिवारी अब वापस नहीं आ सकते, लेकिन उनके लिए न्याय की लड़ाई को मजबूत तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा,
“अब इस मां के साथ जो होना था, वह हो चुका है। इस मां को भरत तिवारी वापस नहीं मिलने वाला है। इसलिए इस आंदोलन को गांव से शहर तक ले जाइए।”
खेसारी ने परिवार से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई सबसे पहले परिजनों की है और उन्हें ही इसे मजबूती से आगे बढ़ाना होगा।
“जहां जरूरत होगी, मैं खड़ा रहूंगा”
खेसारी लाल यादव ने कहा कि कई लोग आएंगे, बयान देंगे और चले जाएंगे, लेकिन न्याय की लड़ाई लगातार जारी रखनी होगी।
उन्होंने कहा,
“आप लोग आंदोलन जारी रखिए। जहां मेरी जरूरत होगी, मैं वहां आकर खड़ा हो जाऊंगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि भरत तिवारी की मौत को केवल चर्चा का विषय नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि इसे न्याय की मांग से जोड़कर आगे बढ़ाना चाहिए।
न्यायिक जांच पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित न्यायिक जांच के सवाल पर खेसारी लाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है और लोगों के मन में कई सवाल हैं।
उन्होंने कहा,
“मारने वाले भी पुलिस हैं और जांच करने वाले भी पुलिस हैं। इसलिए लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।”
हालांकि उन्होंने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जांच की प्रतीक्षा करने की भी बात कही।
बिहार पुलिस ने मानी प्रारंभिक लापरवाही
इधर, बिहार पुलिस ने भी माना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही सामने आई है।
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने कहा कि पुलिस मुठभेड़ को कभी उपलब्धि नहीं मानती, लेकिन यदि किसी परिस्थिति में पुलिसकर्मियों की जान को खतरा होता है तो आत्मरक्षा में कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग किया जाएगा।
पांच पुलिसकर्मी निलंबित, न्यायिक जांच जारी
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद:
- शाहपुर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया है।
- दो सब-इंस्पेक्टर निलंबित किए गए हैं।
- एक एएसआई को हटाया गया है।
- एक कांस्टेबल को भी सस्पेंड किया गया है।
साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को अधिकृत किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
15 जून को भरत तिवारी का हथियार के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस जांच के लिए भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव पहुंची।
17 जून को पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी गोली लगने से घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि पुलिस का दावा है कि उसने फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ।
घटना के बाद से पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और महापंचायत की घोषणाएं लगातार हो रही हैं। अब 24 जून को बिलौटी गांव में प्रस्तावित सर्व समाज महापंचायत पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


