
बिहार के गया जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया। नक्सल प्रभावित लुटुआ थाना क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को रास्ते में प्लांट किया गया एक शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) मिला, जिसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को लुटुआ पुलिस और सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन संयुक्त रूप से नक्सल विरोधी अभियान चला रही थी। जंगल क्षेत्र में तलाशी के दौरान जवानों की नजर एक संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। जांच करने पर पता चला कि वहां करीब 5 किलोग्राम का शक्तिशाली आईईडी लगाया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और बड़ी क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से विस्फोटक लगाया था। समय रहते इसकी पहचान हो जाने से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
बम निरोधक प्रक्रिया के तहत आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित रूप से डिफ्यूज किया गया। इस दौरान हुए नियंत्रित विस्फोट की तेज आवाज पूरे इलाके में सुनाई दी।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आईईडी काफी शक्तिशाली था और जवानों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से लगाया गया था। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
गौरतलब है कि गया और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में नक्सली गतिविधियों में काफी कमी आई है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि नक्सली संगठन किसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता उनकी योजनाओं को लगातार विफल कर रही है।


