नालंदा शीतला मंदिर भगदड़ मामला: NHRC ने बिहार पुलिस से मांगी रिपोर्ट

बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित मां शीतला मंदिर में हुई भगदड़ मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार के डीजीपी विनय कुमार और नालंदा एसपी भारत सोनी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता ब्रजेश सिंह द्वारा की गई शिकायत के आधार पर आयोग ने यह कार्रवाई की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 31 मार्च 2026 को हुई यह दर्दनाक घटना प्रशासनिक लापरवाही और भीड़ प्रबंधन में गंभीर विफलता का परिणाम थी। आरोप है कि उस समय जिले का अधिकांश पुलिस बल राष्ट्रपति कार्यक्रम और वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त था, जिसके कारण मंदिर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।

आयोग ने घटना की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा मृतकों और घायलों के परिजनों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने संबंधी जानकारी मांगी है। बिहार पुलिस मुख्यालय और नालंदा प्रशासन को निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब देना होगा।

गौरतलब है कि 31 मार्च को चैत महीने के अंतिम मंगलवार के अवसर पर मां शीतला मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अचानक अफरा-तफरी मचने से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस हादसे में नौ श्रद्धालुओं की मौत की बात सामने आई थी, जबकि प्रशासन ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अत्यधिक भीड़, सीमित जगह और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण हालात बिगड़ गए। घटना के बाद एम्बुलेंस और राहत व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठे थे।

अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की दखल के बाद पूरे मामले की जांच और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होने पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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